योगी कैबिनेट ने 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी: ओबीसी आयोग गठन पर लगी मुहर, पंचायत चुनाव अब 2027 के बाद संभव

लखनऊ|18 मई 2026
ओबीसी आयोग गठन पर लगी मुहर, पंचायत चुनाव अब 2027 के बाद संभव

लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में नए मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय भी शामिल हुए। सरकार ने लखनऊ मेट्रो विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के विकास और बिजली परियोजनाओं समेत कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आयोग का गठन और वेटनरी छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी सबसे महत्वपूर्ण फैसले रहे।

कैबिनेट ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी। आयोग में कुल पांच सदस्य होंगे। इसके अध्यक्ष पद पर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की जाएगी। आयोग का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनाव में आरक्षण का स्वरूप तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट नवंबर 2026 तक सामने आएगी। ऐसे में पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव 2027 के बाद होने की संभावना बढ़ गई है।

ट्रिपल टेस्ट पूरा करने के लिए बना आयोग

सरकार का कहना है कि आयोग का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किया गया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा था कि स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले राज्यों को ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी प्रक्रिया के तहत यह आयोग गठित किया गया है। आयोग स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग की आबादी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर यह तय होगा कि किस पंचायत सीट पर ओबीसी आरक्षण लागू होगा। आयोग यह भी सुनिश्चित करेगा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी आरक्षण मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक न हो।

वेटनरी छात्रों को बड़ी राहत

कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी बड़ी राहत दी गई। सरकार ने बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री कोर्स के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता आठ हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इससे प्रदेश के सरकारी वेटनरी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे पशु चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों का मनोबल मजबूत होगा।

स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी मंजूरी

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े फैसले लिए गए। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी इमरजेंसी अस्पताल, नया ओपीडी ब्लॉक और टीचिंग ब्लॉक बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 855 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा आगरा मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-2 के तहत आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने मिर्जापुर में 2800 करोड़ रुपये की लागत से बिजली उपकेंद्र और नई ट्रांसमिशन लाइनें बनाने का फैसला भी लिया। इससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

प्रयागराज और मिर्जापुर को भी मिला विकास का तोहफा

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को जमीन देने का फैसला लिया गया। इससे पूर्वांचल के मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी खोलने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई। यूनिवर्सिटी 50.45 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे को नई गति मिलेगी।

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