69 हजार शिक्षक भर्ती पर सपा का बड़ा ऐलान: सत्ता में आए तो 90 दिन में पूरी करेंगे प्रक्रिया, जातीय जनगणना का भी वादा

अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो सत्ता में आने के 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी कराकर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार बनने पर प्रदेश में जातीय जनगणना कराई जाएगी, ताकि आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को उनका हक और अधिकार मिल सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कहा कि पिछड़ा वर्ग, दलित और वंचित समाज के युवाओं के साथ सुनियोजित तरीके से अन्याय किया गया। उन्होंने दावा किया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत की जगह सिर्फ 3.86 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग को भी निर्धारित कोटे से कम सीटें मिलीं। सपा प्रमुख ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 20 हजार सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को दरकिनार किया गया और एसटी वर्ग के 1133 पद तक खाली छोड़ दिए गए।
“पक्षपाती सरकार ही विश्वासघाती बनती है”
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पीडीए ऑडिट रिपोर्ट’ भी जारी की, जिसे पार्टी की रिसर्च टीम ने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को अपने अधिकारों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो यह सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण होता है। उन्होंने कहा कि जो सरकार पक्षपाती होती है, वही अंततः विश्वासघाती भी बन जाती है। आरक्षण को उन्होंने सामाजिक समानता का सबसे बड़ा उपकरण बताते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने सदियों से चले आ रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था लागू की थी, लेकिन वर्तमान सरकार इसे कमजोर करने में लगी है। सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि सरकार को बुलडोजर चलाना ही है तो उसे समाज में फैली गैर-बराबरी पर चलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक न्याय की उस सीढ़ी को तोड़ना चाहती है, जिसके सहारे वंचित वर्ग आगे बढ़ना चाहता है। अखिलेश ने कहा कि 2014 के बाद आरक्षण विरोधी ताकतें खुलकर सामने आने लगी हैं और अब वे संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
शिवपाल बोले- जनता को गुमराह कर रही भाजपा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद शिवपाल सिंह यादव ने भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है, लेकिन भाजपा के नेता केवल प्रचार और बयानबाजी में व्यस्त हैं। शिवपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और पीडीए गठबंधन का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, जबकि भाजपा का राजनीतिक ग्राफ नीचे जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में सपा का प्रदर्शन लगातार मजबूत हुआ है और आने वाले चुनावों में जनता भाजपा को जवाब देगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
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