डिजिटल नक्शे से संवरेगा गोरखपुर: NAKSHA प्रोजेक्ट की तैयारी तेज, अब एक क्लिक पर मिलेगी जमीन की सटीक जानकारी

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नक्शा (नेशनल जियोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबिटेशन) को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस परियोजना के तहत शहर की जमीनों और भवनों का आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। योजना को डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत लागू किया जा रहा है, जिससे शहरी प्रशासन, टैक्स व्यवस्था और नगर नियोजन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भूस्थानिक निदेशालय और सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक डी.एन. पाठक ने शुक्रवार को गोरखपुर नगर निगम स्थित अर्बन फैसिलिटेशन सेंटर सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, सीमा पांडे, अधिशासी अभियंता अशोक भाटी तथा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर समेत नगर निगम और सर्वे टीमों के अधिकारी मौजूद रहे।
61 वार्डों का हवाई सर्वे पूरा
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गोरखपुर शहर के 61 वार्डों में करीब 135 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। अब पहले चरण में लगभग 58 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्राउंड सर्वे किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की मदद से कुल 26 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें रोवर और टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों की सहायता से मौके पर जाकर सर्वे का कार्य करेंगी। अधिकारियों के अनुसार पूरा सर्वे सेटेलाइट और कोरस नेटवर्क तकनीक पर आधारित होगा। इससे शहर की हर जमीन और भवन का सटीक डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा। इस डेटा का उपयोग संपत्ति कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, अवैध निर्माणों की निगरानी, शहरी सुविधाओं के विस्तार और स्मार्ट सिटी प्लानिंग में किया जाएगा।
तकनीकी चुनौतियों और प्रशिक्षण पर भी हुई चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान फील्ड सर्वे से जुड़ी टीमों ने जमीनी स्तर पर आने वाली संभावित समस्याओं, तकनीकी बाधाओं और प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दों को भी अधिकारियों के सामने रखा। निदेशक डी.एन. पाठक ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा और कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार
बैठक में हवाई सर्वेक्षण, फीचर एक्सट्रैक्शन, डिजिटलीकरण, ग्राउंड ट्रुथिंग और उपकरण संचालन जैसे विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति, रणनीति और भविष्य की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना गोरखपुर के शहरी विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









