गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल के लिए मची अफरा-तफरी: पंपों पर लगी लंबी कतारें, खाद्य तेल और चावल के भी बढ़े दाम

शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि कुछ पंपों पर तेल खत्म होने के बाद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दिनभर लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते दिखाई दिए। हालात ऐसे रहे कि कई स्थानों पर सड़क तक जाम की स्थिति बन गई।
यूनिवर्सिटी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से देर रात तक दबाव बना रहा। बाइक, कार और ऑटो चालकों की लंबी लाइन लगी रही। कर्मचारियों को लगातार वितरण करना पड़ा। गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर गोरखनाथ क्षेत्र के लक्ष्मीपुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर सबसे ज्यादा भीड़ दिखाई दी। यहां वाहनों की कतार करीब आधा किलोमीटर तक पहुंच गई। लोग अतिरिक्त पेट्रोल भरवाने की कोशिश करते रहे, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई।
कई पंपों पर खत्म हुआ तेल
बेतियाहाता स्थित पेट्रोल पंप पर तेल खत्म होने के बाद भी लोग लाइन में खड़े रहे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद कर्मचारियों ने लोगों को समझाकर वहां से हटाया। काली मंदिर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर लगातार भीड़ बनी रही। सुबह से लगातार वितरण होने के कारण कर्मचारियों को बीच में कुछ देर के लिए ब्रेक लेना पड़ा। हालांकि देर रात तक शहर के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध रहा, लेकिन जिन पंपों तक सप्लाई नहीं पहुंची, वहां लोग देर रात तक आते-जाते दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात ज्यादा अलग नहीं रहे। सिकरीगंज क्षेत्र के हरदत्तपुर स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर तेल पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सड़क तक लंबी लाइन लगने से कुछ देर के लिए जाम लग गया। अमोढ़ा पेट्रोल पंप पर करीब एक सप्ताह बाद पेट्रोल-डीजल पहुंचा, जिसके बाद वहां भी भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग डिब्बों और बोतलों में अतिरिक्त तेल भरवाते दिखाई दिए।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, 200 टैंकर मंगाए
ईंधन संकट की आशंका के बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड में दिखाई दिया। जिला पूर्ति विभाग ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सप्लाई सामान्य रखने के लिए 200 टैंकर मंगाए गए हैं। उनका कहना है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से घबराहट में अतिरिक्त तेल जमा नहीं करने की अपील भी की है।
सरसों तेल और रिफाइंड की कीमतों में उछाल
पेट्रोल-डीजल की परेशानी के बीच महंगाई ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के बाजारों में सरसों तेल, रिफाइंड और चावल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते कुछ दिनों में थोक बाजार में खाद्य तेल महंगे हुए हैं, जिसका असर अब खुदरा बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। सरसों तेल की कीमत में करीब पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। अब इसका दाम 170 से बढ़कर 175 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं रिफाइंड तेल की कीमत 145 रुपये से बढ़कर लगभग 155 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चावल के दाम में भी प्रति किलो करीब पांच रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ा दबाव
खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। बाजार में रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार में दाम बढ़ने के कारण खुदरा कीमतों में भी तेजी आई है।
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