एसटीएफ ने दबोचे 3 तस्कर: बिहार से हथियार लाकर गोरखपुर में करते थे सप्लाई, भेजे गए जेल

गोरखपुर|
बिहार से हथियार लाकर गोरखपुर में करते थे सप्लाई, भेजे गए जेल

जिले में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले इंटरस्टेट नेटवर्क पर यूपी एसटीएफ और एम्स थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपी बिहार से हथियार खरीदकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से पिस्टल, तमंचे, कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

यूपी एसटीएफ और एम्स थाना पुलिस ने माड़ापार स्थित कोनी तिराहे पर संयुक्त अभियान चलाकर तीन आरोपियों को अरेस्ट किया। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार से अवैध हथियारों की खेप लेकर कुछ तस्कर गोरखपुर पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के निर्देशन में टीम सक्रिय हुई। मुखबिर से सटीक लोकेशन मिलने के बाद एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनायक सिंह और एम्स थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी के नेतृत्व में घेराबंदी कर तीनों को मौके से दबोच लिया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा निवासी बरईपट्टी थाना नौतन बाजार जिला सिवान (वर्तमान पता हरिसेवकपुर नंबर-2, थाना गुलरिहा), सौरभ शुक्ला उर्फ निति निवासी बसडीला थाना चौरीचौरा तथा मंजीत कुमार सिंह निवासी महुआ भूसा थाना नौतन जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है।

पूछताछ में खुला इंटरस्टेट नेटवर्क का राज

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे बिहार के सिवान और गोपालगंज के कुख्यात हथियार तस्करों अनुराग कुमार, मिक्की उर्फ गोलू कुमार और मंजीत सिंह से अवैध असलहे खरीदते थे। इसके बाद इन्हें गोरखपुर और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि जिन तीन तस्करों के नाम आरोपियों ने बताए हैं, वे 24 जून 2026 को बिहार के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अवैध हथियार तस्करी के मामले में अरेस्ट होकर जेल जा चुके हैं।

मुनाफे से जीते थे लग्जरी लाइफ

पुलिस के अनुसार आरोपी बिहार से हथियार लाकर गोरखपुर में ग्राहकों की तलाश करते थे। एक पिस्टल करीब 25 हजार रुपये तथा एक देशी तमंचा लगभग 12 हजार रुपये में बेचा जाता था। अवैध कारोबार से होने वाली कमाई का उपयोग आरोपी ऐशो-आराम और अपने शौक पूरे करने में करते थे। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की पहचान करने में जुटी है।

कार्रवाई के दौरान बरामद किया सामान

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 0.32 बोर की पिस्टल, एक पिस्टल मैगजीन, दो 12 बोर के देशी तमंचे, 12 बोर के 10 जिंदा कारतूस, 0.32 बोर के चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन, नकदी और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे की जांच और पूछताछ कर रही है।

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