यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: योगी सरकार ने 84 पीसीएस अफसरों के किए तबादले, कई जिलों में बदले गए अहम अधिकारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गुरुवार देर शाम तबादला सूची जारी हुई। योगी सरकार ने 84 पीसीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए। नियुक्ति विभाग ने इसकी आधिकारिक जानकारी जारी की। सचिव एम देवराज ने आदेश जारी किए हैं। तबादलों में मुख्य रूप से एडीएम स्तर के अधिकारी शामिल। कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ को विकास प्राधिकरण भेजा गया है। कई अधिकारियों को नगर निगम और विश्वविद्यालयों में पोस्टिंग मिली। शासन ने आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए। सभी अधिकारियों को जल्द जॉइनिंग करने के निर्देश मिले।
वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा का तबादला हुआ। उन्हें सुल्तानपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी बनाया गया। आलोक कुमार पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। वर्ष 2024 में उनका नाम सुर्खियों में आया था। उस समय होटल कारोबारी जफर अली खान से विवाद हुआ। आरोप था कि उन्होंने सिर से हमला किया था। यह मामला वाराणसी में काफी चर्चित रहा था। झांसी के एडीएम वरुण कुमार पांडेय को नई जिम्मेदारी मिली। उन्हें प्रयागराज स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय भेजा गया। वहां उन्हें कुलसचिव पद की जिम्मेदारी दी गई। वहीं ज्योत्सना यादव का भी तबादला हुआ है। उन्हें खुर्जा-बुलंदशहर विकास प्राधिकरण से हटाया गया। अब वह अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में कुलसचिव रहेंगी।
बरेली और बहराइच में भी हुए बदलाव
बरेली के एडीएम सिटी सौरभ दुबे का ट्रांसफर किया गया। उन्हें बहराइच में मुख्य राजस्व अधिकारी बनाया गया। साथ ही उप संचालक चकबंदी की जिम्मेदारी भी मिली। फतेहपुर में तैनात अविनाश त्रिपाठी को नई पोस्टिंग मिली। उन्हें अब बरेली का अपर जिलाधिकारी नगर बनाया गया। शासन ने कई जिलों में प्रशासनिक संतुलन बदल दिया है। इससे स्थानीय प्रशासन में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती।
क्यों किए गए इतने बड़े तबादले?
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वालों को बदला गया। कई अधिकारी लंबे समय से एक ही जगह तैनात थे। शासन अब प्रशासन में नई ऊर्जा लाना चाहता है। विकास प्राधिकरण और शहरी निकायों में भी बदलाव हुए। सरकार का फोकस प्रशासनिक गति बढ़ाने पर माना जा रहा। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार काम करना होगा।
तबादला नीति के तहत हो रही कार्रवाई
चार मई को योगी कैबिनेट ने नई नीति मंजूर की। यह नीति वर्ष 2026-27 के लिए लागू हुई है। इसके तहत बड़े स्तर पर ट्रांसफर किए जाएंगे। राज्य में करीब 16 लाख कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। पांच मई से तबादला प्रक्रिया शुरू की गई थी। यह अभियान 31 मई तक जारी रहेगा।
किन कर्मचारियों पर लागू होगी नीति?
नई नीति के अनुसार तय अवधि पूरी होने पर ट्रांसफर होंगे। जिले में तीन साल पूरा करने वाले कर्मचारी प्रभावित होंगे। मंडल स्तर पर सात साल पूरा होना भी आधार बनेगा। सरकारी सेवा में कार्यरत दंपतियों को राहत मिलेगी। कोशिश होगी कि दोनों की तैनाती एक स्थान पर रहे। दिव्यांग कर्मचारियों को भी विशेष छूट मिलेगी। गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मियों को राहत दी जाएगी। शासन ने विभागों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
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