लखनऊ अग्निकांड पर बड़ा एक्शन: घटनास्थल पर जांच करने पहुंची एसआईटी, एलडीए के 4 अफसर सस्पेंड और 4 आरोपी अरेस्ट

अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई है। हादसे के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार सुबह विशेष जांच दल (एसआईटी) और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। एसआईटी में आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार और आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात शामिल हैं। टीम हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की जांच कर रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोगों की बॉडी का करीब सात घंटे तक पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी गई। पोस्टमॉर्टम हाउस में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की 23 वर्षीय छात्रा अनामिका की बॉडी देखकर उसकी मां बेसुध होकर गिर पड़ी। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र शामिल हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लखनऊ में रह रहे थे।
अवैध निर्माण पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन में आग लगी, उसके निर्माण और स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में इस भवन को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था। इसे बाद में निरस्त कर दिया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि भवन स्वामी को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई
यह भवन रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला का बताया जा रहा है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करते हुए वीरेंद्र शुक्ला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एलडीए के चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। भवन को अनुमति देने वाले 16 अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फायर सेफ्टी की कमी बनी हादसे की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग निकास मार्ग उपलब्ध नहीं था। हादसे के दौरान छत का दरवाजा भी बंद था। इसके कारण अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे एसी में हुए ब्लास्ट के बाद आग लगी थी। इसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब सात घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाकर दीवारें तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। मृतकों में पांच महिलाएं और दस पुरुष शामिल हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 11, पश्चिम बंगाल के दो तथा मध्य प्रदेश और हरियाणा के एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई : ब्रजेश पाठक
लखनऊ अग्निकांड को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। ब्रजेश पाठक ने कहा, “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।” मंगलवार को उपमुख्यमंत्री हजरतगंज स्थित बैकुंठ धाम पहुंचे। जहां उन्होंने अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
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