लखनऊ का इको गार्डन बना आंदोलन का केंद्र: पेपर लीक के विरोध में छात्रों का हुंकार, कहां जिम्मेदारों को देना होगा इस्तीफा

उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर दिखाई दिया। राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में हजारों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर सरकार से निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में करीब 6 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में आंदोलन का माहौल बन गया।
प्रदर्शन को उस समय और बल मिला जब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके भी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने मंच से कहा कि “आंदोलन करना सबसे बड़ी देशभक्ति है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।” उन्होंने पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परीक्षाओं में पारदर्शिता जरूरी
छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं तो उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई करने और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाई। करीब 40 मिनट तक छात्रों को संबोधित करने के दौरान अभिजीत दीपके ने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने 20 जून को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में युवाओं से शामिल होने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। इको गार्डन में छात्रों और सुरक्षाकर्मियों की भारी भीड़ देखने को मिली। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
राजनीति ना करे सीजीपी
आंदोलन में सैकड़ों छात्र और समर्थक पोस्टर-बैनर लेकर इको पार्क पहुंचे। वे 'पेपर लीक बंद करो, बंद करो' और 'यूपीएसआई स्कोर कार्ड जारी करो, के नारे लगा रहे थे। वहीं कुछ छात्र कॉकरोच पार्टी और अभिजीत दीपके का विरोध भी किया। कहा- हमारे इस आंदोलन का कॉकरोच पार्टी का कोई मतलब नहीं है। वे राजनीति कर रहे हैं।
युवाओं का सवाल
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर रहा हैं। ऐसे में सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे और योग्य अभ्यर्थियों को समय पर अवसर मिल सके।
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