लखनऊ के होटल में मिली युवा वैज्ञानिक की बॉडी: कमरे में मिला खाने-पीने का सामान, हार्ट अटैक या फूड पॉइजनिंग की आशंका

राजधानी के विभूतिखंड क्षेत्र स्थित एक फाइव स्टार होटल में ठहरे 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। होटल के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुलने पर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो राहुल बेड पर मृत अवस्था में मिले। कमरे में उल्टी के निशान मिलने के बाद शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग या हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
महराजगंज जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के बीजापार आसमान छपरा गांव निवासी राहुल सिंह किसान परिवार से थे। गोरखपुर के एबीसी पब्लिक स्कूल दिव्यनगर में 12वीं की पढ़ाई के दौरान उन्होंने बैटरी से चलने वाला इको-फ्रेंडली ट्रैक्टर तैयार कर अपनी अलग पहचान बनाई थी। बाद में वह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन इनोवेटर एंड इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े और वहीं रिसर्च के साथ पढ़ाई भी कर रहे थे। राहुल ने महज 13 वर्ष की उम्र से लगातार तीन वर्षों तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2018 में रोटी मेकर, 2019 में बैटरी चालित इको-फ्रेंडली साइकिल और 2020 में कोरोना काल के दौरान बैटरी संचालित ट्रैक्टर बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
बिना चार्जिंग के चलने का किया था दावा
राहुल का विकसित ट्रैक्टर पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बताया जाता था। इसमें डीजल या पेट्रोल की आवश्यकता नहीं होती थी। इससे वायु प्रदूषण और शोर दोनों से राहत मिलती थी। उनका दावा था कि ट्रैक्टर की बैटरी चलते समय स्वयं चार्ज होती रहती है और अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाले इस ट्रैक्टर से तीन घंटे में एक एकड़ खेत की जुताई संभव बताई गई थी। राहुल ने ट्रैक्टर की बैटरी और मोटर भी स्वयं विकसित की थी। इसमें पावर स्टीयरिंग, हेडलाइट, इंडिकेटर, आगे-पीछे चलाने के लिए अलग स्विच तथा बिना गियर वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। बैटरी को ठंडा रखने के लिए बोनट के भीतर चार पंखे लगाए गए थे। ट्रैक्टर का कुल वजन करीब डेढ़ क्विंटल था। इधर बेटे की असमय मौत से परिवार सदमे में है। मां की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और वह बार-बार बेहोश हो रही हैं।
उल्टी के मिले निशान
एसीपी विभूतिखंड सौम्या पांडे के अनुसार, पुलिस जब कमरे में पहुंची तो राहुल का सामान व्यवस्थित रखा मिला। कमरे में खाने-पीने का सामान भी मौजूद था। राहुल बेड पर अचेत अवस्था में पड़ा था। वहीं, उसके आसपास और नीचे उल्टी के निशान मिले। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।











