पुणे मर्डर केस में नया दावा: शादी के बहाने लिए 1 करोड़, कैब ड्राइवर ने खोले राज- बाली जाने को तैयार नहीं थी सिया

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई नए तथ्य लगे हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी सिया ने शादी की तैयारियों और खरीदारी के नाम पर केतन अग्रवाल से करीब एक करोड़ रुपये लिए थे। आरोप है कि इस रकम का उपयोग शादी की खरीदारी में नहीं किया गया, बल्कि पूरी राशि उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी गई। मामले की जांच के साथ पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच के बीच छह जून को केतन और सिया को बाली प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब चालक वैभव जाधव का बयान भी सामने आया है। वैभव के अनुसार, यात्रा के दौरान सिया बाली जाने के पक्ष में नहीं दिख रही थी। रास्ते में उसकी अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर लगातार बहस हो रही थी। कैब चालक ने बताया कि रास्ते में वाहन एक स्थान पर रुका, जहां चार अन्य लोग भी उसमें सवार हुए। बाद में फूड कोर्ट पर सभी लोग खाने-पीने के लिए उतरे। कुछ देर बाद सिया अकेले कार के पास आई और वाहन से कुछ सामान निकालकर अपने बूट में छिपा लिया। इसके बाद वह दोबारा अन्य लोगों के साथ चली गई।
पासपोर्ट को लेकर भी सामने आया नया दावा
वैभव जाधव के मुताबिक, एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों को छोड़ने के बाद उसे फोन आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में छूट गया है। सूचना मिलने पर वह दोबारा एयरपोर्ट पहुंचा और सभी ने मिलकर वाहन की तलाशी ली, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला। इस दावे की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने सीज किया स्कूटर
पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी टोल प्लाजा पर रिकॉर्ड बनने से बचने के लिए कार की बजाय स्कूटर से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक पहुंचा था। वह हूडी पहनकर किले पर चढ़ा, बाद में उसे उतारकर काली टी-शर्ट में रहा और वारदात के बाद लौटते समय फिर हूडी पहन ली। पुलिस ने उसका स्कूटर जब्त कर लिया है।
वकीलों के बयानों पर बढ़ा विवाद
मामले में सिया गोयल के वकील विपुल दुशिंग ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष बचाव पक्ष अपना पक्ष रखेगा और अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। इस बीच सिया के भाई साहिल ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव उन पर दबाव बना रहे हैं और मामले को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आशुतोष उनका केस नहीं लड़ रहे हैं। दूसरी ओर, आशुतोष श्रीवास्तव पहले स्वयं को सिया का वकील बताते हुए कह चुके हैं कि पुलिस हिरासत में दिया गया बयान अदालत में स्वतः साक्ष्य नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस पर्याप्त पूछताछ कर चुकी है और अब आगे पुलिस रिमांड की आवश्यकता नहीं है।
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