उपराज्यपाल ने की बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा: अमरनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी, 3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले सोमवार को बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने पूजा-अर्चना कर यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं की अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी।
अधिकारियों के अनुसार, 15 अप्रैल से अब तक चार लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं का पहला जत्था दो जुलाई को जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होगा। यात्रा इस बार 57 दिनों तक चलेगी और श्रद्धालु बालटाल तथा पारंपरिक पहलगाम, दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष फोकस
यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल शुरू कर दिए हैं। दोनों यात्रा मार्गों पर भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। वहीं, महागणेश टॉप के पास बर्फ हटाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसे अगले दो से तीन दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दो मार्गों से होगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पास दो विकल्प हैं। पहला 41 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम मार्ग है। जहां से पवित्र गुफा तक पहुंचने में सामान्यतः तीन से चार दिन लगते हैं। इस मार्ग पर चढ़ाई क्रमिक होने के कारण श्रद्धालुओं को ऊंचाई के अनुकूल होने का समय मिलता है। रास्ते में शेषनाग और पंचतरणी जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन भी होते हैं। दूसरा मार्ग बालटाल का है। इसकी लंबाई लगभग सात किलोमीटर है। यह रास्ता अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन चढ़ाई अधिक खड़ी और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इसी वजह से यह मार्ग बुजुर्गों, बच्चों और कम शारीरिक क्षमता वाले श्रद्धालुओं के लिए कठिन माना जाता है। प्रशासन ने दोनों मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
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