किचन की लापरवाही से कैंसर का खतरा: बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का जोखिम, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

रोजमर्रा की रसोई में अपनाई जाने वाली कुछ सामान्य आदतें लंबे समय में स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं। एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल, क्षतिग्रस्त नॉन-स्टिक बर्तन, गर्म भोजन के लिए प्लास्टिक कंटेनर और फफूंद लगे खाद्य पदार्थ शरीर में ऐसे हानिकारक तत्वों के संपर्क को बढ़ा सकते हैं, जो कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ाने वाले कारक बन सकते हैं।
कैंसर आज दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में शामिल है। इसके मामले युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आमतौर पर तंबाकू, शराब, प्रदूषण और आनुवंशिक कारणों को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हमारी जीवनशैली और खानपान की आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों और गलत तरीकों पर अक्सर ध्यान नहीं जाता। वहीं, लंबे समय तक इनका प्रभाव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
बार-बार गर्म किया गया तेल बढ़ा सकता है जोखिम
एक्सपर्ट्स के अनुसार एक ही तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म करने से उसमें ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया होती है। इससे एल्डिहाइड्स सहित कई हानिकारक रासायनिक यौगिक बनने लगते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को बढ़ा सकते हैं, जो कई दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम कारक माने जाते हैं। होटल और सड़क किनारे मिलने वाले डीप फ्राइड खाद्य पदार्थों में इस तरह के तेल के उपयोग की संभावना अधिक रहती है।
गर्म भोजन के लिए प्लास्टिक कंटेनर से बचें
रिसर्च में प्लास्टिक के कुछ प्रकारों को स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना गया है। विशेष रूप से गर्म भोजन को प्लास्टिक कंटेनर में रखना या माइक्रोवेव में सामान्य प्लास्टिक का उपयोग करना उचित नहीं माना जाता। अधिक तापमान पर कुछ रसायन भोजन में मिल सकते हैं। एक्सपर्ट केवल फूड-ग्रेड और माइक्रोवेव-सेफ कंटेनर इस्तेमाल करने तथा पुराने या खरोंच वाले प्लास्टिक बर्तनों को बदलने की सलाह देते हैं। गर्म भोजन को कांच या स्टील के बर्तनों में रखना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
नॉन-स्टिक बर्तनों की स्थिति भी जरूरी
नॉन-स्टिक बर्तनों को अत्यधिक तापमान पर गर्म करना उचित नहीं माना जाता। अधिक गर्म होने पर उनकी कोटिंग खराब हो सकती है और धुआं निकलने लगता है। यदि बर्तन की सतह उखड़ गई हो या उस पर गहरी खरोंच आ गई हो तो उसे बदल देना चाहिए। साथ ही लकड़ी या सिलिकॉन के स्पैटुला का उपयोग करने से कोटिंग अधिक समय तक सुरक्षित रहती है।
फफूंद लगे अनाज और मसाले तुरंत हटाएं
नमी के कारण मसालों, मूंगफली, मक्का और अन्य अनाजों में फफूंद विकसित हो सकती है। कुछ प्रकार की फफूंद अफ्लाटॉक्सिन जैसे विषैले पदार्थ पैदा करती हैं। इनका लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट ऐसे खाद्य पदार्थों का उपयोग न करने और उन्हें तुरंत नष्ट करने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि रसोई में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर कई स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सकता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









