मऊ में जंगल में फंदे से लटकी मिली किशोरी की बॉडी: 12 घंटे बाद घर पहुंची बहन ने खोला राज, दो युवकों पर संदेह

मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और रहस्यमय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। करजौली जंगल में 15 वर्षीय किशोरी की बॉडी पेड़ से फंदे के सहारे लटकी मिली। जबकि उसकी 13 वर्षीय छोटी बहन करीब 300 मीटर दूर एक गड्ढे में बेहोशी की हालत में पाई गई। दोनों बहनें सोमवार शाम से लापता थीं। करीब 12 घंटे बाद इस घटना का खुलासा हुआ। छोटी बहन के होश में आने के बाद दिए गए बयान ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के खरवां गांव निवासी किसान खराऊ चौहान की दो बेटियां सोमवार शाम घर से निकली थीं। पिता ने बताया कि वह बाजार से लौटते समय गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक बाग में दोनों बेटियों को दो अज्ञात युवकों से बातचीत करते हुए देखा थे। उन्होंने बेटियों को डांटते हुए तत्काल घर जाने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों किशोरियां वहां से चली गईं और युवक भी मौके से निकल गए। हालांकि शाम तक जब दोनों बेटियां घर नहीं पहुंचीं तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में काफी तलाश की। लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार को आशंका थी कि जिन युवकों से दोनों बातचीत कर रही थीं। संभवतः वे उन्हीं के संपर्क में होंगी। इसी कारण परिवार ने रातभर इंतजार किया और उम्मीद जताई कि सुबह तक बेटियां घर लौट आएंगी।
सुबह घर पहुंची छोटी बहन
मंगलवार सुबह करीब सात बजे छोटी बहन बदहवास हालत में घर पहुंची। उसे देखते ही परिजन घबरा गए। पानी पिलाने और संभालने के बाद जब उससे बड़ी बहन के बारे में पूछा गया तो उसने रोते हुए बताया कि उसकी बहन जंगल में मृत पड़ी है। यह सुनते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। छोटी बहन की निशानदेही पर परिजन करजौली जंगल पहुंचे। जहां एक पेड़ से बड़ी बहन की बॉडी फंदे से लटकी मिली। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फॉरेंसिक टीम और सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी।
छोटी बहन के बयान से बढ़ा रहस्य
पुलिस पूछताछ में छोटी बहन ने बताया कि बाग में मिले दोनों युवक बाद में रास्ते में फिर मिले थे। उन्होंने दोनों बहनों को जंगल की ओर चलने के लिए कहा। इसके बाद वे उनके साथ जंगल में चली गईं। वहां युवकों ने उन्हें बर्फी खाने के लिए दी। बर्फी खाने के बाद उसे कुछ याद नहीं है। किशोरी के अनुसार जब मंगलवार सुबह उसकी आंख खुली तो वह एक गड्ढे में पड़ी हुई थी। कुछ दूरी पर उसकी बड़ी बहन की बॉडी पेड़ से लटकी दिखाई दी। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची। उसके इस बयान के बाद मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर जंगल में क्या हुआ और दोनों युवकों की भूमिका क्या थी।
हत्या या आत्महत्या, हर पहलू पर जांच
मृतका के पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी की हत्या कर बॉडी को फंदे से लटकाया गया है। उनका कहना है कि पूरी घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और मेडिकल जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है।
फॉरेंसिक टीम और एसओजी को सौंपी गई जांच
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को जांच में लगाया गया है। छोटी बहन का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। उसके बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं किशोरी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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