99% शिकायतों के निस्तारण का दावा: फिर भी बिजली संकट से जूझ रहे उपभोक्ता, कटौती और लो-वोल्टेज ने बढ़ाई परेशानी

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने मई माह में बिजली संबंधी शिकायतों के निस्तारण को लेकर लगभग शत-प्रतिशत सफलता का दावा किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में प्राप्त 18.55 लाख से अधिक शिकायतों में से 99.24 प्रतिशत का समाधान कर दिया गया। हालांकि, इन दावों के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि शिकायतों का निस्तारण इतनी बड़ी संख्या में किया जा चुका है, तो फिर आम उपभोक्ता अब भी बिजली संकट से क्यों जूझ रहे हैं।
पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में कुल 18,55,713 शिकायतें दर्ज की गईं। जिनमें से 18,41,683 शिकायतों का समाधान कर दिया गया। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में 4,04,173, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में 3,59,501, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में 6,33,102, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीयूवीवीएनएल) में 3,38,104 तथा कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) में 1,20,833 शिकायतें दर्ज हुईं। विभाग का दावा है कि सभी क्षेत्रों में अधिकांश शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया।
शिकायतों के समाधान का दावा, लेकिन जमीनी हकीकत अलग
विभागीय रिकॉर्ड में शिकायतों के निस्तारण की तस्वीर भले ही संतोषजनक दिखाई दे रही है। लेकिन भीषण गर्मी के बीच कई जिलों में बिजली आपूर्ति की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायतें दर्ज होने के बाद तकनीकी रूप से उन्हें बंद कर दिया जाता है। लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी बार-बार ट्रिपिंग, फॉल्ट और अनियमित आपूर्ति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। विशेष रूप से मध्यांचल क्षेत्र में बिजली सप्लाई से जुड़ी सबसे अधिक चार लाख 80 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बिजली मांग और आपूर्ति के बीच दबाव लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल मॉनिटरिंग से बढ़ी पारदर्शिता
यूपीपीसीएल ने शिकायत निस्तारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1912 हेल्पलाइन और ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था को मजबूत किया है। अब उपभोक्ता घर बैठे शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे शिकायतों की निगरानी और जवाबदेही में सुधार आया है।
पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1912 पर दर्ज शिकायतों को तब तक बंद न माना जाए, जब तक संबंधित उपभोक्ता समाधान से संतुष्ट न हो। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि ही विभाग की प्राथमिकता है। बिजली सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों और उपभोक्ताओं के अनुभवों के बीच का अंतर अब विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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