बाराबंकी में बिजली कटौती बनी डेथ वारंट: बेकाबू डंपर ने सो रहे परिवार को रौंदा, पिता समेत तीन बच्चों की मौत

बाराबंकी जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। फतेहपुर थाना क्षेत्र के झांसा गांव में तेज रफ्तार और बेकाबू डंपर ने घर के बाहर सो रहे एक परिवार को कुचल दिया। हादसे में पिता और उनके तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल फैल गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। चालक घटना के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
परिजनों के मुताबिक, गांव में देर रात बिजली नहीं थी। भीषण गर्मी और उमस के कारण नीरज (35) अपनी पत्नी आरती (35) और तीनों बच्चों अनुराग (13), अंशिका (10) और अंशू (छह) के साथ घर के बाहर दरवाजे पर सो रहे थे। रात करीब दो बजे तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंच गया। पहले उसने एक पेड़ को टक्कर मारी और फिर सीधे परिवार के ऊपर चढ़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने नीरज, अनुराग, अंशिका और अंशू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आरती की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
पलभर में उजड़ गया परिवार
मृतक नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार आर्थिक रूप से साधारण जरूर था, लेकिन खुशहाल जिंदगी जी रहा था। हादसे के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। नीरज की बहन किरण अस्पताल में बच्चों की बॉडी देखकर बेसुध हो गईं। रोते हुए उन्होंने कहा, “सब कुछ खत्म हो गया। पूरा परिवार हंसी-खुशी रहता था, अब घर उजड़ गया।” मामा कृपा राम ने बताया कि हादसे की सूचना रात करीब तीन बजे मिली। उन्होंने कहा कि अगर गांव में बिजली रहती तो शायद परिवार बाहर नहीं सोता और यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर भी गुस्सा है।
बच्चों को याद कर भावुक हुए शिक्षक
मृतक बच्चे पढ़ाई में भी काफी अच्छे बताए जा रहे हैं। अनुराग और अंशू भगौली स्थित मोहन लाल वर्मा स्कूल में पढ़ते थे, जबकि अंशिका सिद्धौर क्षेत्र के सर्वजीत इंटर कॉलेज में अध्ययनरत थी। स्कूल प्रबंधक हिमांशु ने बताया कि अनुराग बेहद होनहार छात्र था और रोज अपनी बहन के साथ साइकिल से स्कूल आता था। हादसे की खबर मिलते ही स्कूलों में शोक की लहर दौड़ गई।
मामले की जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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