बंगाल के फालता में 285 बूथों पर रीपोलिंग: दोपहर तीन बजे तक 74% वोटिंग, TMC उम्मीदवार जहांगीर खान लापता

पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा मतदान कराया गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर तीन बजे तक करीब 74.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। फालता सीट पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है।
यह सीट उस समय विवादों में आ गई थी जब 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप लगाया गया था कि कुछ मतदान केंद्रों पर भाजपा के चुनाव चिह्न वाले बटन पर टेप चिपका मिला था, जबकि कई अन्य बूथों पर मशीनों के ठीक से काम न करने की शिकायतें भी दर्ज की गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने जांच के बाद संबंधित बूथों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया।
मतदान के दिन गायब मिले TMC उम्मीदवार
फालता सीट पर इस बार सबसे ज्यादा चर्चा TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को लेकर रही। जहांगीर खान ने कुछ दिन पहले सार्वजनिक रूप से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने निर्वाचन आयोग को लिखित रूप से नाम वापसी का कोई आधिकारिक पत्र नहीं दिया। यही वजह है कि उनका नाम और चुनाव चिन्ह अब भी ईवीएम में मौजूद है। मतदान के दिन जहांगीर खान पूरी तरह से सार्वजनिक जीवन से गायब नजर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक उनके घर और पार्टी कार्यालय दोनों जगह ताला लटका मिला। मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इस घटनाक्रम ने इलाके की राजनीति को और गर्म कर दिया है।
ईवीएम विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
फालता में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों पर ईवीएम से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए थे। विपक्षी दलों ने दावा किया था कि कुछ मतदान केंद्रों पर भाजपा के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपकाया गया था। कई अन्य बूथों पर मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर जांच की थी। जांच के दौरान करीब 60 बूथों में कथित अनियमितताओं और छेड़छाड़ के संकेत मिलने की बात सामने आई थी।इतना ही नहीं, कुछ मतदान केंद्रों पर लगाए गए वेब कैमरों के फुटेज से भी छेड़छाड़ करने की कोशिशों की जानकारी मिली थी। इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने रीपोलिंग का आदेश दिया। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में दोगुना कर दिया गया। जहां पहले प्रत्येक बूथ पर चार सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे, वहीं अब आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त निगरानी भी रखी जा रही है। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
फालता में अब तक भाजपा का नहीं खुला खाता
राजनीतिक दृष्टि से फालता विधानसभा सीट बेहद अहम मानी जाती है। यह सीट पहले सीपीआई का मजबूत गढ़ मानी जाती थी, लेकिन पिछले एक दशक से यहां तृणमूल कांग्रेस का दबदबा कायम है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवार ने करीब 40 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। खास बात यह है कि भाजपा अब तक इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी है। फालता दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आती है। यहां कुल 31 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में जिले की 30 सीटों में भाजपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में फालता का चुनाव परिणाम इस बार भी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत देने वाला माना जा रहा है।
24 मई को आएगा परिणाम
चुनाव आयोग के मुताबिक फालता विधानसभा सीट के पुनर्मतदान की मतगणना 24 मई को होगी। परिणाम आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि दोबारा मतदान का फायदा किस राजनीतिक दल को मिला। फिलहाल पूरे क्षेत्र में मतदान को लेकर हाई अलर्ट और राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है।
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