फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान: कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी, ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग सख्त

कोलकाता|6 घंटे पहले
कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी, ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा मतदान कराया जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शुरुआती घंटों में मतदान प्रतिशत संतोषजनक रहा। निर्वाचन आयोग के अनुसार सुबह नौ बजे तक करीब 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। फालता विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। पिछले मतदान के दौरान ईवीएम में कथित गड़बड़ी और छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था। अब इस सीट के परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे।

फालता सीट पर इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। हालांकि मतदान से ठीक दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर राजनीतिक माहौल को और दिलचस्प बना दिया। बावजूद इसके, निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के तहत ईवीएम में उनका नाम और पार्टी का चुनाव चिन्ह बरकरार रखा गया है। इस घटनाक्रम ने फालता सीट की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।

ईवीएम विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

फालता में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों पर ईवीएम से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए थे। विपक्षी दलों ने दावा किया था कि कुछ मतदान केंद्रों पर भाजपा के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपकाया गया था। कई अन्य बूथों पर मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर जांच की थी। जांच के दौरान करीब 60 बूथों में कथित अनियमितताओं और छेड़छाड़ के संकेत मिलने की बात सामने आई थी।इतना ही नहीं, कुछ मतदान केंद्रों पर लगाए गए वेब कैमरों के फुटेज से भी छेड़छाड़ करने की कोशिशों की जानकारी मिली थी। इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने रीपोलिंग का आदेश दिया। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में दोगुना कर दिया गया। जहां पहले प्रत्येक बूथ पर चार सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे, वहीं अब आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त निगरानी भी रखी जा रही है। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

फालता में अब तक भाजपा का नहीं खुला खाता

राजनीतिक दृष्टि से फालता विधानसभा सीट बेहद अहम मानी जाती है। यह सीट पहले सीपीआई का मजबूत गढ़ मानी जाती थी, लेकिन पिछले एक दशक से यहां तृणमूल कांग्रेस का दबदबा कायम है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवार ने करीब 40 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। खास बात यह है कि भाजपा अब तक इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी है। फालता दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आती है। यहां कुल 31 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में जिले की 30 सीटों में भाजपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में फालता का चुनाव परिणाम इस बार भी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत देने वाला माना जा रहा है। फिलहाल सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत और 24 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

वेबसाइट पर ही पढ़ें