अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब: 3.6 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, तीन जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की यात्रा

1 घंटा पहले
3.6 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, तीन जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की यात्रा

इस वर्ष होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में जुटी हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के दिन संपन्न होगी। यात्रा बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से संचालित की जाएगी।

हालांकि यात्रा शुरू होने में अभी कुछ सप्ताह का समय बाकी है, लेकिन दोनों मार्गों पर अब भी भारी मात्रा में बर्फ जमी हुई है। कई संवेदनशील इलाकों में 10 से 12 फीट तक बर्फ मौजूद है। सीमा सड़क संगठन लगातार ट्रैक बहाली और बर्फ हटाने के कार्य में लगा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक 15 जून तक दोनों रास्तों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे बेस कैंप

इस बार यात्रा में श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन ने बेस कैंपों में पारंपरिक टेंटों की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए हैं। इन भवनों में अटैच्ड वॉशरूम, गर्म और ठंडे पानी की सुविधा तथा पैंट्री जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध होंगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे खराब मौसम और तापमान में अचानक गिरावट जैसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।

जोखिम वाले क्षेत्रों में नहीं लगाए जांएगे कैंप

यात्रा के दौरान सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील इलाकों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार जोखिम वाले क्षेत्रों में कैंप नहीं लगाए जाएंगे। दोनों मार्गों को चौड़ा करने, पुलों को मजबूत बनाने और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम तेजी से चल रहा है।

श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख पार जाने की उम्मीद

अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख के पार जा सकती है। पिछले वर्ष 4.14 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 5.10 लाख से अधिक रहा था। फिलहाल बड़े समूहों के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यक्तिगत और छोटे समूहों के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक पंजीकरण जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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