9 जुलाई तक अमरनाथ यात्रा स्लॉट फुल: चेक पोस्ट पर रोके गए बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालु, नए कोटे का करना होगा इंतजार

1 घंटा पहले
चेक पोस्ट पर रोके गए बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालु, नए कोटे का करना होगा इंतजार

अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नौ जुलाई तक यात्रा के सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट भर चुके हैं। ऐसे में बिना पंजीकरण यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से फिलहाल अपनी यात्रा स्थगित करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि निर्धारित रजिस्ट्रेशन के बिना बालटाल या पहलगाम मार्ग से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलेगी। यात्रियों को नए कोटे का इंतजार करना होगा।

प्रशासन के अनुसार रविवार से केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को कश्मीर की ओर जाने दिया जाएगा, जिनके पास वैध रजिस्ट्रेशन है। बिना पंजीकरण पहुंचे यात्रियों को चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा। उन्हें नौ जुलाई के बाद उपलब्ध होने वाले नए रजिस्ट्रेशन कोटे के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने की अपील की है।

तीन दिन में 13 हजार से अधिक श्रद्धालु रवाना

जम्मू डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने बताया कि यात्रा के पहले तीन दिनों में 13 हजार से अधिक पंजीकृत श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बेस कैंप से रवाना किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहले से पंजीकृत यात्रियों के लिए RFID वितरण केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा मौके पर तत्काल रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था है। लेकिन पहले से पंजीकृत श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाती है। यदि दैनिक कोटा बचता है, तभी तत्काल पंजीकरण वाले यात्रियों को अनुमति मिलती है।

चार जत्थों में हजारों श्रद्धालु हुए रवाना

अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। 57 दिनों की इस यात्रा में श्रद्धालु 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग और 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। दो जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,822 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना किया था। दूसरे जत्थे में 3,865, तीसरे में 4,812 और रविवार को चौथे जत्थे में 6,721 श्रद्धालु रवाना हुए।

दैनिक कोटा तय, टोकन व्यवस्था लागू

प्रशासन के अनुसार गुफा तक जाने वाले मार्ग की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों, ग्लेशियर क्षेत्र और मौसम को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रतिदिन सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाती है। बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए करीब 12 हजार टोकन जारी किए गए हैं, ताकि प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालु निर्धारित तिथि पर दोबारा आकर यात्रा कर सकें।

नव्य जागरण

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