जापान की पीएम ने पीएम मोदी से की मुलाकात: इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी लेंगी भाग, आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर

3 घंटे पहले
इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी लेंगी भाग, आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच आज नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई। बैठक में निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक-क्षेत्रीय मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।

नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक से पहले राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगी। जहां दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा।

स्थानीय मुद्रा में व्यापार की दिशा में पहल

बैठक के प्रमुख एजेंडों में भारत और जापान के बीच व्यापारिक भुगतान को अमेरिकी डॉलर के बजाय भारतीय रुपए और जापानी येन में करने की संभावनाएं भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार दोनों देश ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जिससे कंपनियां सीधे स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन कर सकें। इसके लिए जापानी कंपनियों को भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलने की सुविधा देने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा विनिमय की लागत घटेगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और व्यापारिक लेनदेन अधिक सरल बनेगा।

2025 की सहमति को मिलेगा नया आयाम

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार का विचार नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान जारी साझा विजन दस्तावेज में भी इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। अब जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के साथ सहयोग समझौते की तैयारी कर रहा है। भारत पहले ही जुलाई 2022 में ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ व्यवस्था लागू कर चुका है। इसके जरिए विभिन्न देशों के साथ रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती

भारत और जापान के बीच बढ़ता आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निवेश, तकनीक, रक्षा और व्यापार के साथ स्थानीय मुद्रा में भुगतान व्यवस्था पर प्रगति से द्विपक्षीय संबंधों को और गति मिलने की उम्मीद है।

नव्य जागरण

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