केतन हत्याकांड- 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सिया और चेतन: दूसरा मोबाइल जब्त, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट से किया इनकार

2 घंटे पहले
दूसरा मोबाइल जब्त, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट से किया इनकार

केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को वडगांव अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इस बीच जांच के दौरान सिया का एक और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या की साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां इस डिवाइस से मिल सकती हैं।

अदालत में पेशी के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि एक दिन पहले सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए उसकी सहमति होने की बात कही थी। वडगांव कोर्ट के न्यायाधीश ए.एम. विभूते ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की सहमति के बिना इस तरह की जांच नहीं कराई जा सकती। इसके चलते फिलहाल दोनों का नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से केतन अग्रवाल को धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। केतन और सिया की शादी इसी वर्ष नवंबर में प्रस्तावित थी।

कोडवर्ड वाली चैट खंगाल रही पुलिस

जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों आरोपी बातचीत के दौरान सांकेतिक भाषा और कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। मोबाइल फोन से डिलीट किया गया काफी डेटा रिकवर कर लिया गया है। चैट में निकनेम और इमोजी के जरिए बातचीत होने की बात सामने आई है। इसका वास्तविक अर्थ समझने के लिए एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। पुलिस ने सिया के घर से एक और मोबाइल फोन बरामद किया। इसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिया गया है।

तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच

मामले की जांच के दौरान पुलिस को तीसरे व्यक्ति की संभावित भूमिका के संकेत भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार बीड से एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जो बालेवाड़ी स्थित एक कंपनी में कार्यरत है। दावा किया जा रहा है कि वह सिया या केतन में से किसी एक का परिचित है और आरोपियों ने उससे हत्या की योजना साझा की थी। हालांकि पुलिस ने उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि संबंधित युवक को मामले में गवाह बनाया जा सकता है।

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