संतकबीरनगर में आनंद हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: लापरवाही पर दरोगा-सिपाही सस्पेंड, प्रेम प्रसंग के विवाद में हुआ था मर्डर

बखिरा क्षेत्र में आनंद गौतम की हत्या के मामले में कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक ने हल्का दरोगा और मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से संबद्ध करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि संबंधित कर्मियों ने अपने दायित्वों का समय रहते प्रभावी ढंग से निर्वहन किया होता, तो सरेआम हुई हत्या और उसके बाद उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकता था।
30 वर्षीय आनंद गौतम की 18 जून की शाम करीब सात बजे बभनी चौराहे पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि मृतक के एक रिश्तेदार की युवती और मुख्य आरोपी नासिर के बीच करीब एक वर्ष से प्रेम संबंध थे। छह जून को आनंद के घर के पास आयोजित एक शादी समारोह में नासिर के पहुंचने पर आनंद और उसके परिजनों ने उसकी पिटाई कर दी थी। पुलिस के अनुसार इसी विवाद की रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
एसपी बोले- दायित्व निभाते तो घटना टल सकती थी
हत्या के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार करते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद एडीजी, डीआईजी, डीएम, एसपी, एएसपी और सीओ सहित कई सीनियर अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए संतकबीरनगर के अलावा बस्ती और सिद्धार्थनगर से अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी भी तैनात की गई थी।
दोनों तीन वर्षों से तैनात
जांच में सामने आया कि घटनास्थल कोलकी चमरसन गांव थाना क्षेत्र के हल्का नंबर-02 में आता है। जहां एसआई राजकुमार मिश्र और मुख्य आरक्षी मनोज कुमार यादव पिछले लगभग तीन वर्षों से तैनात थे। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता दिखाई। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है।
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