तहसीलदार पर प्रधान पति को थप्पड़ मारने का आरोप: नाली निर्माण को लेकर भड़का विवाद, ग्रामीणों ने किया जबरदस्त विरोध

महुली थाना क्षेत्र के लखनोहर गांव में भूमिगत नाली निर्माण को लेकर चल रहा विवाद गहरा गया। तहसीलदार पर ग्राम प्रधान के पति को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र होकर प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने लगे। बढ़ते विरोध और नारेबाजी के बीच प्रशासनिक टीम को गांव से वापस लौटना पड़ा। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत लखनोहर में सरकारी निधि से भूमिगत नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य घरों से निकलने वाले गंदे पानी की समुचित निकासी सुनिश्चित करना और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या का समाधान करना था। निर्माण कार्य के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने प्रस्तावित मार्ग की भूमि पर अपना दावा जताते हुए काम रुकवा दिया। इसके बाद से नाली निर्माण अधूरा पड़ा हुआ था। ग्राम प्रधान रमेश पासवान ने इस संबंध में कई बार जिला एवं तहसील प्रशासन से शिकायत भी की। लेकिन विवाद का समाधान नहीं हो सका।
नाली पटवाने के निर्देश पर बढ़ा विवाद
तहसीलदार रामजी राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लंबे समय से लंबित विवाद का समाधान निकलेगा। लेकिन आरोप है कि तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि को निजी संपत्ति बताते हुए पहले से खोदी गई नाली को पटवाने के निर्देश दे दिए। जैसे ही कर्मचारी नाली को भरने लगे, ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
थप्पड़ मारने के आरोप से गरमाया माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि विरोध के दौरान हुई बहस के बीच तहसीलदार ने ग्राम प्रधान के पति तेज बहादुर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद माहौल और अधिक गर्म हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट आदेश और समाधान के नाली को पटवाने की कार्रवाई की जा रही थी। स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार, राजस्व कर्मियों और पुलिस टीम को गांव छोड़कर लौटना पड़ा।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से भी की जाएगी। वहीं, तहसीलदार रामजी ने थप्पड़ मारने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा। उनके अनुसार जांच के दौरान एक व्यक्ति अभद्र व्यवहार कर रहा था। उन्होंने केवल धक्का देकर उसे हटाया था।
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