वाराणसी में सीएनजी पंप पर भीषण आग: 40 फीट ऊंची लपटों से मचा हड़कंप, गैस रिसाव और शॉर्ट सर्किट की आशंका

वाराणसी-जौनपुर हाईवे स्थित करखियाव गांव के पास एक सीएनजी पंप पर भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें करीब 40 फीट ऊंचाई तक उठने लगीं। एक वाहन में सीएनजी भरी जा रही थी। देखते ही देखते आग ने बड़ा रूप ले लिया। पूरे पंप परिसर को अपनी चपेट में लेने का खतरा पैदा हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंप पर मौजूद कर्मचारी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह गैस रिसाव और वाहन में हुए संभावित शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। आग भड़कते ही पंप परिसर में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। सिलेंडर विस्फोट की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पंप और उसके आसपास लगभग 200 मीटर क्षेत्र को खाली करा लिया। पंप पर मौजूद वाहनों और कर्मचारियों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने भी आग की ऊंची लपटें देखकर अपने वाहन रोक दिए। इससे कुछ समय के लिए इलाके में जाम जैसी स्थिति बन गई।
कर्मचारियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
हादसे के तुरंत बाद पंप कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाकर मुख्य स्टोरेज टैंक और कंप्रेसर से गैस की आपूर्ति बंद कर दी। इसके साथ ही अलार्म बजाकर सभी लोगों को सतर्क किया गया। कर्मचारियों ने मैन्युअल मास्टर शट-ऑफ वाल्व बंद करने के लिए लगातार प्रयास किए। काफी मशक्कत के बाद वाल्व बंद किया जा सका। लेकिन तब तक कुछ छोटे पाइप और सिलेंडर आग की चपेट में आ चुके थे। गैस के उच्च दबाव के कारण आग की लपटें लगातार ऊंची उठ रही थीं। इससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। हालांकि समय रहते गैस सप्लाई बंद किए जाने से आग को और अधिक फैलने से रोकने में मदद मिली।
सिलेंडरों को ठंडा करने में जुटी फायर ब्रिगेड
फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ सीएनजी सिलेंडरों को ठंडा करने के लिए लगातार पानी की बौछार की। विशेषज्ञों के अनुसार सीएनजी से जुड़ी आग में सीधे पानी डालने से आग तुरंत नहीं बुझती। इसलिए सिलेंडरों को ठंडा रखना आवश्यक होता है। इससे उच्च दबाव के कारण विस्फोट की आशंका कम हो जाती है। दमकल कर्मियों ने पूरी रात अभियान चलाया। करीब रात दो बजे आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया कि करखियाव स्थित सीएनजी पंप पर आग लगने की सूचना मिलते ही फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस को सक्रिय कर दिया गया था। फायर ब्रिगेड की टीमों ने युद्धस्तर पर अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं, बीडी वेंचर ग्रुप के राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही पंप के हाइड्रेंट सिस्टम से लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही थी। इससे आग को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिली। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर राहत एवं बचाव कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
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