बार-बार प्यास और थकान?: डायबिटीज का शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट्स की सलाह- तुरंत कराएं जांच

निवेदिता चंद|29 मई 2026
डायबिटीज का शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट्स की सलाह- तुरंत कराएं जांच

देश में तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच डायबिटीज (मधुमेह) एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। भारत उन देशों में शामिल है जहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार असंतुलित खानपान, घंटों बैठकर काम करना, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और पर्याप्त नींद न लेना इसके प्रमुख कारण हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि डायबिटीज की शुरुआत में कई बार स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते और शरीर अंदर ही अंदर प्रभावित होता रहता है।

डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर डायबिटीज को केवल घाव देर से भरने, बार-बार पेशाब आने या अत्यधिक प्यास लगने जैसे लक्षणों से जोड़कर देखते हैं। इसके कई शुरुआती संकेत ऐसे भी होते हैं जिन्हें आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है।

बार-बार प्यास लगना और रात में पेशाब आना हो सकता है संकेत

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को सामान्य से अधिक प्यास लग रही हो या रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा हो, तो यह हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे गर्मी का असर या ज्यादा पानी पीने की आदत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इन लक्षणों के साथ अचानक वजन कम होना, कमजोरी महसूस होना या धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं भी हो रही हों, तो तुरंत ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। समय पर जांच कराने से प्रीडायबिटीज या शुरुआती डायबिटीज को नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है।

लगातार थकान और कमजोरी को हल्के में न लें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक पर्याप्त आराम और नींद के बावजूद यदि शरीर में लगातार थकान बनी रहती है। यह भी हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। शरीर भोजन से मिलने वाले ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलने के लिए इंसुलिन का उपयोग करता है। डायबिटीज में यह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। इस कारण शरीर की कोशिकाओं तक पर्याप्त ऊर्जा नहीं पहुंच पाती है। व्यक्ति हर समय थका हुआ महसूस करता है। डॉक्टर बताते हैं कि हाई ब्लड शुगर शरीर में सूजन और डिहाइड्रेशन भी बढ़ा सकती है। जिससे कमजोरी और अधिक महसूस होती है। इसके अलावा अनियंत्रित ब्लड शुगर मानसिक एकाग्रता को भी प्रभावित कर सकती है। जिससे चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।

धुंधला दिखाई देना भी हो सकता है चेतावनी

आंखों से धुंधला दिखाई देना आमतौर पर लोग सामान्य नेत्र समस्या मान लेते हैं। यह डायबिटीज का गंभीर संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से आंखों की नसों पर असर पड़ने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। जिसमें रेटिना की रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार धुंधला दिखाई दे रहा हो या आंखों पर दबाव महसूस हो रहा हो, तो तुरंत नेत्र परीक्षण के साथ ब्लड शुगर की जांच भी करानी चाहिए।

मुंह और त्वचा का सूखना भी हो सकता है अलर्ट

डायबिटीज के मरीजों में मुंह और त्वचा का अत्यधिक सूखना भी सामान्य समस्या मानी जाती है। उच्च रक्त शर्करा के कारण शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। जिससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है। यही वजह है कि त्वचा रूखी और मुंह बार-बार सूखा महसूस हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को बताए गए लक्षणों में से दो या तीन समस्याएं लगातार महसूस हो रही हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित डाइट, व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नव्य जागरण

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