वर्ल्ड डाइजेस्टिव हेल्थ डे: मॉडर्न लाइफस्टाइल ने बिगाड़ा पेट का सिस्टम, हेल्दी रहना है तो बदलें डायट

निवेदिता चंद|29 मई 2026
मॉडर्न लाइफस्टाइल ने बिगाड़ा पेट का सिस्टम, हेल्दी रहना है तो बदलें डायट

आज की तेज रफ्तार जिंदगी, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव का सबसे ज्यादा असर लोगों के डाइजेस्टिव सिस्टम पर दिखाई दे रहा है। गैस, एसिडिटी, कब्ज, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। युवा वर्ग भी तेजी से इन परेशानियों की चपेट में आ रहा है। घंटों बैठकर काम करना, जंक फूड का बढ़ता चलन, देर रात भोजन करना और पर्याप्त पानी न पीना डाइजेस्टिव सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर बना रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग अक्सर इन समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक ऐसा बने रहना गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

हर वर्ष 29 मई को वर्ल्ड डाइजेस्टिव हेल्थ डे मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है। डॉक्टरों के अनुसार स्वस्थ पाचन तंत्र न केवल भोजन को सही तरीके से पचाने में मदद करता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, एनर्जी लेवल और संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है।

संतुलित भोजन है अच्छे पाचन की पहली शर्त

एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्वस्थ डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार सबसे जरूरी है। भोजन में फाइबर की पर्याप्त मात्रा शामिल करने से आंतों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें, सलाद और साबुत अनाज पाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही भोजन समय पर और सीमित मात्रा में करना भी बेहद जरूरी है। अत्यधिक तला-भुना और भारी भोजन पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है। जिससे एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ सकती है। डॉक्टरों की सलाह है कि रात का भोजन हल्का और सोने से कम से कम दो घंटे पहले कर लेना चाहिए।

पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी

डाइजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने में पानी की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भोजन आसानी से पचता है। शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम सात से आठ गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना पाचन क्रिया को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे कब्ज की समस्या में राहत मिलती है। पेट साफ रहने में सहायता मिलती है। गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी पाचन संबंधी समस्याओं को और बढ़ा सकती है। इसलिए हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है।

जंक फूड बना रहा पेट का दुश्मन

बदलती जीवनशैली में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन तेजी से बढ़ा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना और पैकेज्ड भोजन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। इससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं लगातार बनी रह सकती हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि फास्ट फूड की जगह घर का बना ताजा और हल्का भोजन अपनाना चाहिए। साथ ही कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन भी सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है।

नियमित व्यायाम से मजबूत होता है डाइजेस्टिव सिस्टम

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक शारीरिक गतिविधि पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। रोजाना 20 से 30 मिनट की वॉक, योग या हल्का व्यायाम करने से आंतों की गतिविधियां सक्रिय रहती हैं। भोजन आसानी से पचता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। ऐसे में काम के दौरान बीच-बीच में थोड़ी देर टहलना और शरीर को सक्रिय रखना जरूरी है। योग और प्राणायाम भी पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में काफी प्रभावी माने जाते हैं।

छोटी सावधानियां बचा सकती हैं बड़ी परेशानियों से

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि गैस, कब्ज, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। कई बार यह गंभीर बीमारियों की शुरुआती चेतावनी भी हो सकती हैं। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित खान-पान, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम जैसी छोटी-छोटी आदतें अपनाकर पाचन तंत्र को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

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