CNG की कीमतों में फिर उछाल: दिल्ली में 83 के पार पहुंची कीमत, रसोई से सफर तक सब महंगा

नई दिल्ली|1 घंटा पहले
दिल्ली में 83 के पार पहुंची कीमत, रसोई से सफर तक सब महंगा

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने एक बार फिर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। मंगलवार 26 मई को कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ा दिए। पिछले दो हफ्तों के भीतर यह चौथी बार है जब CNG की कीमतों में इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती महंगाई और इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के बीच इस फैसले ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली में CNG की कीमत 81.09 रुपये से बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अब उपभोक्ताओं को 91.70 रुपये प्रति किलो चुकाने होंगे। गुरुग्राम में भी CNG की कीमत बढ़कर 88.12 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर इंटरनेशनल ऑयल मार्केट पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बताया जा रहा है कि युद्ध जैसे हालात शुरू होने से पहले जहां क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है, जिसके चलते पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।

पेट्रोल और डीजल भी हुए महंगे

CNG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार इजाफा जारी है। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इस महीने यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होने लगा है और परिवहन क्षेत्र पर भी इसका व्यापक असर दिखाई देने लगा है।

आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में खर्च बढ़ने से मालभाड़ा महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर पड़ेगा। इसके अलावा किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाना भी महंगा होगा, जिससे खेती की लागत बढ़ सकती है। सार्वजनिक परिवहन, ऑटो और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफे की आशंका जताई जा रही है।

तेल कंपनियों को भारी घाटा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को फिलहाल प्रतिदिन करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि 15 मई से पहले यह घाटा लगभग 1,000 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया था। तेल कंपनियों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

CNG वाहनों की बढ़ती मांग

महंगाई के बावजूद CNG वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में कई शहरों में CNG आधारित गाड़ियों की बिक्री में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल की तुलना में बेहतर माइलेज और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण है। हालांकि अब लगातार बढ़ती CNG कीमतों ने इस विकल्प को भी महंगा बनाना शुरू कर दिया है।

नव्य जागरण

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