CBSE के OSM टेंडर पर सरकार सख्त: बोर्ड से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट, शिक्षा मंत्रालय ने शुरू की समीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑनलाइन सर्विस मैनेजमेंट प्रणाली और रीवैल्युएशन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्रालय ने OSM टेंडर आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मीडिया रिपोर्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि मंत्रालय मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा कर रहा है। उन पर आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब लाखों छात्र बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार CBSE ने OSM से संबंधित ठेका पांच दिसंबर को कोएम्प्ट एडुटेक को प्रदान किया था। यह निर्णय बोर्ड परीक्षाओं के आरंभ होने से लगभग ढाई महीने पहले लिया गया था। इसी टेंडर प्रक्रिया को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक विशेष वेंडर को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। CBSE अधिकारियों ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि टेंडर आवंटन सामान्य वित्तीय नियमों और केंद्र सरकार की निर्धारित खरीद प्रक्रिया के अनुरूप किया गया था। बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई।
रीवैल्युएशन पोर्टल को लेकर बढ़ी छात्रों की चिंता
इसी बीच CBSE का रीवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल भी विवादों में आ गया है। सोमवार को दिनभर पोर्टल सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सका। जिससे देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक परेशान रहे। बोर्ड की ओर से लगातार यह संदेश जारी किया जाता रहा कि पोर्टल जल्द सक्रिय कर दिया जाएगा, लेकिन तकनीकी समस्याएं बनी रहीं। सूत्रों के अनुसार पोर्टल पर अनधिकृत हस्तक्षेप और साइबर हमलों की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि वेबसाइट को प्रभावित करने के लिए लगातार संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गईं। जिसके चलते तकनीकी टीम को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। हालांकि बोर्ड ने मंगलवार को घोषणा करते हुए बताया कि कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और रीवैल्युएशन पोर्टल फिर से सक्रिय कर दिया गया है। यह छह जून तक खुला रहेगा।
लगातार तकनीकी चुनौतियों से जूझ रहा बोर्ड
CBSE की पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया इस वर्ष शुरुआत से ही तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रही है। 13 मई को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद 19 मई को शिकायत निवारण पोर्टल शुरू किया गया था। पहले ही दिन वह क्रैश हो गया। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने की समयसीमा तीन बार बढ़ानी पड़ी। 25 मई को तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए देश के दो प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों से भी सहयोग मांगा गया।
मंत्रालय की नजर पूरे घटनाक्रम पर
शिक्षा मंत्रालय पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित ढंग से संचालित हो। वहीं छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालते हुए बोर्ड भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
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