NEET परीक्षा रद्द; पेपर लीक के आरोपों के बाद बड़ा फैसला: कई राज्यों से जुड़ा कनेक्शन, CBI ने शुरू की जांच

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द हो गई। NTA ने मंगलवार को NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। करीब 22.79 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। एजेंसी ने दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया। नई तारीख बाद में जारी की जाएगी। केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी। CBI ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मीडिया ने सवाल पूछे। वे बिना जवाब दिए वहां से निकल गए।
जांच में बड़ा नेटवर्क सामने आया है। कथित पेपर लीक का केंद्र राजस्थान का सीकर बना। सूत्रों के मुताबिक सवाल पहले से बांटे गए थे। बताया गया कि ‘क्वेश्चन बैंक’ में 300 सवाल थे। सभी सवाल हाथ से लिखे गए थे। पूरी कॉपी में एक जैसी हैंडराइटिंग दिखी। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न शामिल थे। इनमें से 150 सवाल सीधे परीक्षा में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं। हर सवाल चार नंबर का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर प्रभावित हुए। यही दावा अब जांच का आधार बना है।
केरल से सीकर तक पहुंचा नेटवर्क
- 1 मई को पहला लिंक सामने आया। केरल में पढ़ रहा छात्र सवाल भेजता है। वह छात्र चूरू का रहने वाला बताया गया। उसने सीकर में दोस्त को सामग्री भेजी।
- 2 मई को मामला और फैल गया। सीकर के एक पीजी संचालक तक फाइल पहुंची। उसने छात्रों के बीच सामग्री बांट दी। इसके बाद सवाल तेजी से वायरल हुए।
- कैरियर काउंसलर्स तक भी फाइल पहुंची। व्हाट्सऐप ग्रुप्स में सामग्री लगातार घूमती रही।
- 3 मई को परीक्षा आयोजित हुई। उसी दिन शिकायत भी दर्ज कराई गई। सीकर के पीजी संचालक ने पुलिस को सूचना दी। NTA को भी शिकायत भेजी गई।
- 6 और 7 मई को विवाद बढ़ा। आंसर-की आने के बाद मिलान शुरू हुआ। कई सवाल हूबहू मिलने के दावे सामने आए।
- 7 मई को NTA हरकत में आया। एजेंसी ने गड़बड़ी के इनपुट मिलने की पुष्टि की। राजस्थान और उत्तराखंड का जिक्र किया गया।
- 8 मई को जांच केंद्रीय एजेंसियों को दी गई।
- 10 मई को राजस्थान SOG सक्रिय हुई। सीकर और आसपास छापेमारी शुरू हुई। अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
महाराष्ट्र तक जुड़े तार
जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। राजस्थान, केरल और महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया। नासिक पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक आरोपी BAMS की पढ़ाई कर रहा है। उसके मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी चलाने की भी चर्चा है। राजस्थान पुलिस की टीम नासिक पहुंच रही है। अब डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे।
कितने छात्रों तक पहुंचा पेपर?
यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। अब तक सही संख्या सामने नहीं आई। हालांकि, जांच एजेंसियों को बड़ा नेटवर्क दिख रहा है। व्हाट्सऐप मैसेज पर ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा मिला। इससे बड़े पैमाने पर प्रसार की आशंका बढ़ी। एक्सपर्ट्स भी मामले को गंभीर मान रहे हैं। वे कहते हैं कुछ सवाल मिलना सामान्य होता है। लेकिन इतने सवाल एक साथ मिलना असामान्य है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
लोकसभा में विपक्ष ने मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “22 लाख छात्रों के सपने कुचले गए।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भ्रष्ट व्यवस्था का आरोप लगाया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संरक्षण के बिना लीक संभव नहीं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया।
कोचिंग इंडस्ट्री ने दिया बड़ा सुझाव
नितिन कुकरेजा ने बड़ा बदलाव सुझाया। उन्होंने CBT मोड लागू करने की मांग की। उनके मुताबिक कंप्यूटर आधारित परीक्षा ज्यादा सुरक्षित होगी। पेन-पेपर मोड में लीक का खतरा ज्यादा रहता है। Federation of All India Medical Association ने भी चिंता जताई। संगठन ने सिस्टम में गंभीर खामियां बताईं। साथ ही जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
2024 में भी हुआ था बड़ा विवाद
NEET पहले भी विवादों में रह चुका है। 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे। तब परीक्षा 5 मई को हुई थी। NTA ने शुरुआती दौर में आरोपों से इनकार किया। बाद में बिहार और झारखंड में जांच शुरू हुई। जांच में पेपर लीक के संकेत मिले थे। कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। हालांकि पूरी परीक्षा रद्द नहीं हुई थी। कुछ सेंटरों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी। उस समय 67 छात्रों को पूरे अंक मिले थे। एक ही सेंटर से कई टॉपर सामने आए थे। यही मुद्दा देशभर में बड़ा विवाद बना था।
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