दिल्ली में सोनम वांगचुग को इलाज के लिए अस्पताल ले गई पुलिस: सीजेपी संचालक ने मोदी को बताया तानाशाह, इस्तीफे की मांग की

दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे जंतर-मंतर पहुंची और सोनम वांगचुक को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह पर उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उठाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस वांगचुक को घसीटकर और गाली-गलौज करके ले गई। उन्होंने मंच से दिल्ली पुलिस को 'गद्दार' कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तानाशाह बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की साथ ही मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाये।
नीट परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बेहद भड़क गए। उन्होंने दिल्ली पुलिस को देश का गद्दार और पुलिस को आरएसएस के गुंडे करार दिया।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का किया एलान
दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की, लाठीचार्ज किया और उन्हें खुद भी हिरासत में लेकर गेट बंद कर दिया गया ताकि वह धरनास्थल पर न पहुंच सकें। सोनम वांगचुक को हटाए जाने के तुरंत बाद अभिजीत दीपके ने खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है।
खत्म नहीं होगा आंदोलन
सीजेपी नेताओं का कहना है कि वांगचुक को हटाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की है कि 20 जुलाई को तय कार्यक्रम के अनुसार 'संसद मार्च' निकाला जाएगा। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने भी अस्पताल प्रशासन से कहा है कि उनके पति को उनकी या मेडिकल टीम की सहमति के बिना कोई ओरल या नस के जरिए ट्रीटमेंट न दिया जाए।
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