आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटी: दारोगा और कैदी समेत सात की मौत, चालक को झपकी आने से डिवाइडर से टकराई गाड़ी

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। औरास क्षेत्र के निंभाखेड़ा गांव के पास दिल्ली से बिहार जा रही एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बिहार पुलिस के एक दारोगा, एक कैदी समेत सात लोगों की मौत हो गई। वहीं 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को आई झपकी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बस करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। हादसे के वक्त अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, जिससे अचानक मचे कोहराम ने यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।
जानकारी के अनुसार श्री सरोज ट्रैवल्स की स्लीपर बस में करीब 45 यात्री सवार थे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे बस औरास थाना क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान चालक को झपकी आ गई और बस का पिछला हिस्सा अंडरपास की कंक्रीट पुलिया के डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस अनियंत्रित होकर बाईं ओर चली गई और एल्यूमिनियम गार्ड रेल तोड़ते हुए भारी वाहनों की लेन में पलट गई। बस पलटते ही अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे, जबकि कुछ यात्री बस के भीतर फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और एक्सप्रेसवे कर्मी मौके की ओर दौड़े।
दारोगा कैदी को लेकर लौट रहे थे बिहार
हादसे में बिहार के सिवान निवासी दारोगा रविचरन और हरियाणा निवासी कैदी छत्रपाल तोमर की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दारोगा रविचरन कैदी को बयान दर्ज कराने दिल्ली लेकर गए थे और वापस बिहार लौट रहे थे। उनके साथ मौजूद एक सिपाही हादसे में घायल हो गया। इसके अलावा गोरखपुर निवासी सुरेश कुमार जायसवाल, विजेशी गुप्ता और विजय कुमार की भी मौत हो गई। एक अन्य मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त कराने में जुटी हुई है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस व यूपीडा
हादसे के करीब 10 मिनट बाद यूपीडा और औरास पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औरास पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 21 गंभीर घायलों को केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे की भारी और हल्के वाहनों की लेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। मौके पर डीएम घनश्याम मीना, एसपी जयप्रकाश सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया।
चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को नींद की झपकी आने से बस संतुलन खो बैठी। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइवर की थकान हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है। पुलिस और परिवहन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।

हादसे में घायल हुए लोग
मो. वसीम निवासी वजीरगंज बिहार, गोलू निवासी देवरिया सदर, रोहन निवासी ग्राम बरमघोषी, जहानाबाद, बिहार, विनय निवासी बिस्तौली, गोरखपुर, धीरज निवासी टिकरा सौहात, कुलही, महाराजगंज, अरुण कुमार निवासी कुशमाल बेनीपास, गोरखपुर, सुरेंद्र कुमार गुप्ता निवासी बरपार खदनी, गोरखपुर, अमरदीप सिंह निवासी औरैया, फरमान अंसारी निवासी पिपरा पड़ी, शिकारपुर, बिहार, शाहिद अख्तर निवासी पिपरा पड़ी, शिकारपुर, बिहार, सोम अली निवासी लौकियांवा, बस्ती, धनंजय निवासी श्याम विहार, नजबगढ़, दिल्ली, विष्णु कुमार निवासी ककरिया, बस्ती, अरविंद निवासी खड़खड़िया, गोरखपुर, राहुल निवासी निवासी खड़खड़िया, गोरखपुर, गणेश दीक्षित निवासी कुशीनगर, आर्यन गुप्ता निवासी कप्तानगंज, बस्ती, लारेब आलम निवासी सदर, गोरखपुर, परमजीत सिंह निवासी मुस्का पिपरी, गोरखपुर, श्वेता यादव निवासी मुस्का पिपरी, गोरखपुर, बिंद्रावती निवासी मुस्का पिपरी, गोरखपुर, अज्ञात।
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