गोरखपुर में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान: आने वाले दो-तीन दिनों में बारिश का अनुमान, 30 से 35 की रफ्तार से चल सकती है हवाएं

शहर में गुरुवार को मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदल लिया हैं । सुबह से ही आसमान में कभी काले बादल छाए रहे तो कभी तेज धूप निकल आई। जिससे लोगो को उमस और चिपचिपी गर्मी से भारी परेशानि का सामना करना पड़ा। हवा में नमी और तेज हवाओं के बावजूद गर्मी का एहसास बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस बना रहा। दिनभर बादलों का आना-जाना लगा रहा। लेकिन उमस से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।
पूर्वांचल में मानसून की तेज हुई गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई से गोरखपुर समेत पूर्वांचल में मॉनसून की गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। अगले कई दिनों तक आसमान में बादल छाये रहेंगें, साथ ही बारिश का सिलसिला भी जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने 11 और 12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई है। जिसके लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश से यातायात प्रभावित होने की आशंका
शुक्रवार को सुबह से ही बादलों का असर देखने को मिलेगा। दिनभर हल्की बारिश हो सकती हैं,जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव और प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
11 और 12 जुलाई को सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 11 और 12 जुलाई को मॉनसून अपने पूरे असर में रहेगा। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना हैं। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण सड़को पर पानी भर सकता हैं। ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और साथ ही नदियों जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
तापमान में होगी गिरावट
बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती हैं। हालांकि हवा में नमी 80 प्रतिशत के आसपास बनी रहने की संभावना है। ऐसे में बारिश रुकने के बाद उमस का एहसास फिर बढ़ सकता है। सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत अधिक सुखद रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने लोगों से तेज बारिश के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें। घर से निकलते समय छाता या रेनकोट जरूर साथ ले जाएं। जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से आवागमन करें। किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है, जबकि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की।
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