सिद्धार्थनगर में 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना से मिलेगा स्वरोजगार: बैंक लोन पर 25% अनुदान, आवेदन प्रक्रिया शुरू

जिले के पारंपरिक उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओडी)' योजना लागू कर दी गई है। योजना के तहत राम कचौड़ी, मखाना और कालानमक चावल से जुड़े उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने वाले उद्यमियों को बैंक ऋण पर 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। जिला उद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष के लिए सिद्धार्थनगर को 12 लाभार्थियों का लक्ष्य और 36 लाख रुपये का बजट आवंटित हुआ है। योजना के तहत जिले की पहचान बने तीन प्रमुख उत्पादों राम कचौड़ी, मखाना और कालानमक चावल को प्राथमिकता दी गई है।
बैंक ऋण पर मिलेगा अनुदान
योजना के अंतर्गत नए उद्यम स्थापित करने वाले पात्र आवेदकों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। स्वीकृत ऋण राशि का 25 प्रतिशत विभाग अनुदान के रूप में वहन करेगा। लाभ केवल सिद्धार्थनगर के स्थायी निवासियों को मिलेगा। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। किसी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है।
ऑनलाइन आवेदन करने की अपील
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदक किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। उसने पहले किसी सरकारी ऋण योजना में सब्सिडी का लाभ न लिया हो। पात्र युवा, बेरोजगार और उद्यमी एमएसएमई विभाग के पोर्टल https://msme.up.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि यह योजना स्थानीय उद्योगों को नई गति देने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।
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