भाजपा ने घोषित किए MLC चुनाव के उम्मीदवार: पांचों मौजूदा सदस्यों पर फिर जताया भरोसा, सपा ने 10 कैंडिडेट्स का किया ऐलान

लखनऊ|1 घंटा पहले
पांचों मौजूदा सदस्यों पर फिर जताया भरोसा, सपा ने 10 कैंडिडेट्स का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षक और स्नातक क्षेत्र की पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पार्टी ने इस बार भी अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को प्राथमिकता देते हुए सभी मौजूदा एमएलसी पर दोबारा भरोसा जताया है। केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद भाजपा महासचिव अरुण कुमार सिंह ने उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसमें दो स्नातक और तीन शिक्षक सीटों के प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।

भाजपा ने लखनऊ स्नातक सीट से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश कुमार द्विवेदी और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद्र शर्मा को मैदान में उतारा है। खास बात यह है कि ये पांचों नेता वर्तमान में भी विधान परिषद के सदस्य हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत राजनीतिक पकड़ रखते हैं। पार्टी संगठन ने काफी पहले ही इन नेताओं को संकेत दे दिया था, जिसके बाद सभी प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारी तेज कर दी थी।

संगठन और जातीय समीकरणों पर भाजपा का फोकस

भाजपा की सूची में सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साफ नजर आ रहा है। लखनऊ स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाए गए इंजीनियर अवनीश सिंह को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का करीबी माना जाता है। कुर्मी समाज में उनकी मजबूत पकड़ है और पार्टी उन्हें पिछड़े वर्ग में नए नेतृत्व के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। आगरा स्नातक क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह लंबे समय से छात्र राजनीति और भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय मॉनिटरिंग कमेटी से भी जुड़े हुए हैं। ब्रज क्षेत्र में उनकी सक्रियता और शैक्षणिक छवि को भाजपा ने इस चुनाव में अहम माना है।

शिक्षक राजनीति में पुराने चेहरों पर भरोसा

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को दोबारा मौका देकर भाजपा ने शिक्षक वर्ग और जाट-सिख समुदाय में अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया है। ढिल्लो वित्तविहीन शिक्षकों के मुद्दों को लंबे समय से उठाते रहे हैं। वहीं, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश कुमार द्विवेदी को फिर टिकट देकर भाजपा ने ब्राह्मण और शिक्षक वर्ग दोनों को साधने की कोशिश की है। मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद्र शर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने पिछला चुनाव शिक्षक राजनीति के दिग्गज नेता ओमप्रकाश शर्मा को हराकर जीता था। उनकी जीत ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शिक्षक राजनीति में बड़ा बदलाव किया था।

अलग-अलग मैदान में सपा-कांग्रेस

लोकसभा चुनाव में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने वाली समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस बार एमएलसी चुनाव में अलग-अलग मैदान में उतर रही हैं। समाजवादी पार्टी पहले ही 10 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। सपा ने भी कई मौजूदा सदस्यों को दोबारा टिकट देकर अनुभव पर भरोसा जताया है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड में कमलेश और लखनऊ स्नातक खंड में कांति सिंह को प्रत्याशी बनाया है। मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट पर प्रमेंद्र भाटी और आगरा-अलीगढ़ खंड से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। बरेली-मुरादाबाद खंड से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर और आगरा खंड से शशांक यादव को मैदान में उतारा है। मेरठ-गाजियाबाद खंड से नितिन कुमार तोमर को टिकट दिया है।

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