गोरखपुर में रेलवे पुल के एलाइनमेंट में बदलाव की तैयारी: बिजली टावर बने बाधा, कई मकान-दुकानों पर असर संभव

उत्तरप्रदेश|5 घंटे पहले
बिजली टावर बने बाधा, कई मकान-दुकानों पर असर संभव

सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के तहत बड़हलगंज में सरयू नदी पर बनने वाले रेलवे पुल के एलाइनमेंट में बदलाव की संभावना बन गई है। पुल के प्रस्तावित मार्ग में मौजूद हाईटेंशन बिजली टावरों के कारण रेलवे को नया विकल्प तलाशना पड़ रहा है। एलाइनमेंट बदलने की स्थिति में कई मकान और दुकानें प्रभावित हो सकती हैं। डीएम के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) जल्द ही मौके का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

सहजनवा-दोहरीघाट रेल परियोजना के तहत सरयू नदी पर बनने वाले रेलवे पुल के लिए पहले सर्वे के आधार पर एलाइनमेंट तय किया गया था। लेकिन अब तकनीकी कारणों से उसमें बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, नदी में स्थापित हाईटेंशन बिजली टावर रेलवे पुल के निर्माण में बाधा बन रहे हैं। यदि पुल का एलाइनमेंट बदला जाता है तो उसके दोनों ओर कुछ दूरी तक रेलवे ट्रैक का मार्ग भी परिवर्तित करना पड़ेगा। इससे नए क्षेत्र में आने वाले कई मकान और दुकानें परियोजना की जद में आ सकते हैं।

शिकायत के बाद डीएम ने बुलाई बैठक

संभावित प्रभावित लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा ने राजस्व विभाग, बिजली निगम और रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। बैठक में तय हुआ कि मुख्य राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही एलाइनमेंट में बदलाव को अंतिम रूप दिया जाएगा।

तकनीकी मानकों के कारण तलाशा जा रहा नया विकल्प

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी बिजली पोल या टावर के आधार से उसकी ऊंचाई में छह मीटर जोड़कर उतनी दूरी पर ही रेलवे लाइन बिछाई जा सकती है, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में ट्रैक सुरक्षित रहे। सरयू नदी में लगे बिजली टावरों की ऊंचाई 198 मीटर है। ऐसे में रेलवे पुल को इन टावरों से कम से कम 204 मीटर की दूरी पर बनाना अनिवार्य होगा। इसी तकनीकी बाध्यता के चलते रेलवे नए एलाइनमेंट पर विचार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा, ताकि कम से कम लोगों पर परियोजना का असर पड़े। नए एलाइनमेंट के अंतिम रूप लेने के बाद ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल इस स्थान पर किसी प्रकार का अधिग्रहण नहीं किया गया है।

81.17 किमी लंबी होगी नई रेल लाइन

सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के तहत 81.17 किलोमीटर लंबा रेलमार्ग बनाया जाएगा। इस परियोजना में कुल 12 रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिनमें सहजनवा, पिपरौली, खजनी, उनवल, बैदौली बाबू, उरुवा बाजार, बनवारपार, गोला बाजार, भरौली, बड़हलगंज, बांसगांव और दोहरीघाट शामिल हैं। यह रेल लाइन गोरखपुर के 109 और मऊ के तीन गांवों समेत कुल 112 गांवों से होकर गुजरेगी। परियोजना के लिए 359 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।