पीलीभीत में करंट से महिला की मौत: अंधविश्वास में बालू में दबाया, एक घंटे तक करते रहे ‘जिंदा’ करने की कोशिश

उत्तरप्रदेश|05 मई 2026
अंधविश्वास में बालू में दबाया, एक घंटे तक करते रहे ‘जिंदा’ करने की कोशिश

पीलीभीत जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार सुबह एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने उसे जिंदा करने के लिए अंधविश्वास का सहारा लिया। महिला के शरीर को बालू में दबा दिया गया। करीब एक घंटे तक उसे रगड़ा गया। लेकिन कोई असर नहीं हुआ। बाद में बॉडी पुलिस को सौंप दी गई। मामला खजुरिया नवीराम गांव का है।

जानकारी के मुताबिक, अनीता देवी (45) सुबह करीब साढ़े पांच बजे पड़ोस की महिलाओं के साथ खेत की ओर गई थीं। रास्ते में गांव के पूर्व प्रधान का खेत पड़ता है। खेत के चारों तरफ तार बंधे थे। इन तारों में बिजली का करंट दौड़ रहा था। बताया जा रहा है कि फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान अनीता तार की चपेट में आ गईं। मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई। साथ गई महिलाएं घबराकर गांव लौट आईं और परिजनों को सूचना दी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

परिजन तुरंत अनीता को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान अस्पताल में पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया समझाने की कोशिश की। लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे।

अंधविश्वास में बॉडी को बालू में दबाया

महिला की मौत के बाद परिजनों ने अंधविश्वास का रास्ता अपनाया। उन्होंने अस्पताल परिसर में ही बालू मंगवाई। महिला के शरीर को बालू में दबा दिया गया। सिर्फ सिर, हाथ और पैर बाहर रखे गए। इसके बाद परिजन उसके हाथ-पैर रगड़ते रहे। सिर पर भी बालू डालकर रगड़ते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि महिला फिर से जिंदा हो जाएगी। आसपास मौजूद लोग और पुलिस लगातार समझाते रहे। लेकिन परिजनों ने किसी की नहीं सुनी। करीब एक घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा।

पुलिस से हुई नोकझोंक

पुलिस ने जब इसे अंधविश्वास बताया तो परिजन भड़क गए। अस्पताल परिसर में ही पुलिस और परिवार के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया। लेकिन परिजन अपनी बात पर अड़े रहे। अंत में जब महिला में कोई हलचल नहीं हुई, तब जाकर उन्होंने बॉडी पुलिस को सौंपा। इसके बाद पुलिस ने बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

खेत मालिक का पक्ष और जांच

खेत के मालिक और पूर्व प्रधान शिव प्रसाद का कहना है कि उन्होंने कम पावर का करंट लगाया था। वहीं मृतका के पति बेचेलाल ने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद वह पूर्व प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर की चेतावनी: यह सिर्फ मिथ है

डॉक्टर ने बताया कि करंट लगने के बाद इस तरह के उपाय पूरी तरह मिथ हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग पीड़ित को मारना-पीटना या मिट्टी में दबाना शुरू कर देते हैं। इससे इलाज में देरी होती है। अगर समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए, तो जान बच सकती है। लेकिन ऐसे अंधविश्वास कई बार स्थिति को और बिगाड़ देते हैं।

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