हमीरपुर में महिला समेत पांच बच्चों की मौत: यमुना में पलटी नाव, एक बच्चे की तलाश जारी

उत्तरप्रदेश|07 मई 2026
यमुना में पलटी नाव, एक बच्चे की तलाश जारी

हमीरपुर जिले में यमुना नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। बुधवार शाम हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नाव में बच्चों और महिलाओं समेत नौ लोग सवार थे। नाव पलटते ही नदी में चीख-पुकार मच गई। नाविक ने बहादुरी दिखाते हुए तीन लोगों को बचा लिया, लेकिन एक महिला और पांच बच्चे गहरे पानी में डूब गए। गुरुवार दोपहर तक पांच बॉडी बरामद कर ली गई हैं, जबकि एक बच्चे की तलाश अभी भी जारी है। एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी और गोताखोरों की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

यह हादसा कुरारा थाना क्षेत्र के भौली ग्राम पंचायत के मजरा कुतुबपुर पटिया गांव में हुआ। गांव निवासी श्रीपाल की बेटी की पांच मई को शादी थी। शादी के बाद घर में रिश्तेदारों की भीड़ थी। बुधवार शाम करीब छह बजे परिवार के कुछ लोग नाव से यमुना नदी पार एक टापू पर घूमने और खरबूजा-ककड़ी खाने चले गए। वहां कुछ समय बिताने के बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि नाव में आठ बच्चे और एक महिला समेत कुल लोग सवार थे। अचानक नदी के बीच पहुंचते ही तेज हवा और असंतुलन की वजह से नाव पलट गई। देखते ही देखते सभी लोग नदी में गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े।

नाविक ने तीन लोगों को बचाया, छह लोग डूबे

नाव चला रहे धीरू ने हिम्मत दिखाते हुए विष्णु, रिंकू और पारुल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन बाकी लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। डूबने वालों में ब्रजरानी (25), अर्चना (14), रानी (नौ), लव्यांश (पांच), आकांक्षा (नौ) और आदित्य (11) शामिल हैं। गुरुवार दोपहर तक ब्रजरानी, अर्चना, रानी, लव्यांश और आकांक्षा की बॉडी बरामद कर ली गई। आदित्य की तलाश अभी भी जारी है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार के लोग घाट किनारे बैठकर रोते-बिलखते रहे। एक मां अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर अपने बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाती रही। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।

100 जवानों की टीम चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की करीब 100 सदस्यीय टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। गुरुवार सुबह छह बजे से दस नावों की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक, जहां हादसा हुआ वहां नदी काफी गहरी है। तेज बहाव और बारिश के कारण गोताखोरों को दिक्कत हो रही है। इसी वजह से नावों को गोल-गोल घुमाया जा रहा है, ताकि पानी का दबाव नीचे फंसी बॉडी को ऊपर ला सके। अब नदी में जाल डालकर तलाश की तैयारी भी की जा रही है।

प्रशासन की निगरानी में चल रहा अभियान

घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौजूद हैं। एडीएम समेत कई सीनियर अधिकारी पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साध्वी ज्योति निरंजन ने अधिकारियों को पुल के पास जाल लगाने का सुझाव दिया, ताकि बॉडी ज्यादा दूर तक न बह सकें। बुधवार रात तेज बारिश और अंधेरे की वजह से रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। गुरुवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया। अब भी टीमें लगातार नदी में सर्चिंग कर रही हैं।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने को भी कहा गया है।

गांव में पसरा मातम, लोगों में गुस्सा

इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिन घरों में कुछ दिन पहले शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पार कराने के दौरान सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर थे। लोगों ने प्रशासन से नाव संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।