फतेहपुर में मंगेतर के सामने युवती से गैंगरेप: तीन घंटे किया कुकर्म, पुलिस ने दो आरोपी को किया अरेस्ट; मुख्य आरोपी फरार

उत्तरप्रदेश|28 अप्रैल 2026
तीन घंटे किया कुकर्म, पुलिस ने दो आरोपी को किया अरेस्ट; मुख्य आरोपी फरार

फतेहपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खागा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत 24 अप्रैल की सुबह एक युवती अपने मंगेतर के साथ अपनी बुआ के घर जा रही थी तभी रास्ते में तीन दरिंदों ने उनका रास्ता रोक लिया। चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए वे एक जगह रुके थे जिसे अपराधियों ने अवसर समझकर उन पर हमला कर दिया।

आरोपियों ने न केवल मंगेतर के साथ मारपीट की। बल्कि उसे बंधक बनाकर उसके सामने ही युवती के साथ तीन घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपियों ने अश्लील वीडियो बनाए और दरिंदों ने युवक से अपने बैंक अकाउंट में ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर करवाए।। वर्तमान में पुलिस ने दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। वह भाजपा नेता बताया जा रहा है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।

जबरन जंगल में बनाया बंधक

पीड़िता और उसके मंगेतर के लिए वह सुबह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। जब वे रास्ते में कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए रुके, तब दो युवक अचानक वहां आए और बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने मंगेतर को दबोच लिया और युवती को जबरन पास के जंगल में खींच ले गए। आरोपियों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने युवती के प्राइवेट पार्ट्स पर वार किए और शारीरिक प्रताड़ना की हर हद पार कर दी। बाद में उन्होंने अपने एक और साथी को बुला लिया, उसने भी पीड़िता के साथ दरिंदगी की। दरिंदों ने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाया और भविष्य में ब्लैकमेल करने के लिए पीड़िता से जबरदस्ती उसका नंबर लिया। उन्होंने डरा-धमकाकर मंगेतर से 2,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बंदूक की नोक पर उनसे यह झूठा बयान दिलवाया कि उनके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है।

पुलिस ने नहीं की सुनवाई

इस संवेदनशील मामले में पुलिस का रवैया अपराधियों से भी अधिक डरावना रहा। वारदात के अगले दिन जब पीड़ित जोड़ा न्याय की उम्मीद में खागा कोतवाली पहुंचा, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उनके साथ अभद्रता की। इंस्पेक्टर ने एफआईआर दर्ज करने से साफ मना कर दिया और उन्हें थाने से भगा दिया गया। दो दिनों तक पीड़ित दर-दर की ठोकरें खाते रहे और पुलिस उन्हें अलग-अलग बयानों के जाल में उलझाती रही। सिस्टम की इस विफलता के बाद जब पीड़िता ने साहस जुटाकर एसपी अभिमन्यु मांगलिक से गुहार लगाई तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। एसपी ने तत्काल प्रभाव से लापरवाह प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार पटेल को सस्पेंड कर दिया और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

फरार आरोपी का 'पावर' कनेक्शन

मामले का सबसे विवादास्पद पहलू फरार आरोपी बबलू सिंह का राजनीतिक जुड़ाव है। पकड़े गए आरोपियों ललित और युवराज सिंह ने पूछताछ में बबलू का नाम उजागर किया है जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है और खुद को भाजपा का जिला उपाध्यक्ष बताता है। हालांकि पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर उससे पल्ला झाड़ लिया है लेकिन सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं और विधायकों के साथ उसकी तस्वीरें पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगा रही हैं। इधर, विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपक लिया है। समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के गांव पहुंचा और आरोप लगाया कि आरोपी के राजनीतिक रसूख के कारण उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। फरार बबलू सिंह पर अब 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है और एसओजी सहित पांच टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

डिजिटल साक्ष्य और न्याय की उम्मीद

पुलिस के लिए इस केस में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 'डिजिटल ट्रेल' साबित हुई है। आरोपियों ने जो 2,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे। उसी ट्रांजैक्शन आईडी के जरिए पुलिस ललित और युवराज तक पहुंचने में सफल रही। युवती ने शिनाख्त परेड के दौरान दोनों की पहचान कर ली है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म जबरन वसूली और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी बबलू सिंह की गिरफ्तारी के लिए आधुनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का सहारा ले रही है। खागा कोतवाल रमेश कुमार पटेल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

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