गोरखपुर में नकली नोट छापने वाले गैंग का भंडाफोड़: वकील और प्रेस मालिक समेत पांच अरेस्ट, बाजार में नोट चलाने की लेते थे गारंटी

जिले की पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच युवकों को अरेस्ट किया है। गुलरिहा थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटिंग उपकरण और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आपस में दोस्त थे और मिलकर नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने का नेटवर्क चला रहे थे। गिरोह का दावा था कि वह 100 रुपये के बदले 400 रुपये तक के नकली नोट उपलब्ध कराते थे। उन नोटों को बाजार में आसानी से चलाने की गारंटी भी लेते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शाहपुर क्षेत्र के न्यू क्रिश्चियन कॉलोनी निवासी करन सिंह, बरगदवा निवासी मोहित कुमार, पादरी बाजार निवासी विशाल शर्मा, मोहनापुर निवासी आशीष शर्मा और कुशीनगर के भलुई पिपरा टोला निवासी आकाश सिंह शामिल हैं। पूछताछ में पता चला कि मोहित कुमार पेशे से अधिवक्ता है और सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। वहीं, आकाश सिंह मेडिकल स्टोर चलाता है। विशाल शर्मा की प्रिंटिंग प्रेस है, जहां आशीष शर्मा काम करता था। सभी आरोपी आपसी मित्र थे और इसी नेटवर्क के जरिए नकली नोट तैयार करने का धंधा शुरू किया गया।
प्रिंटिंग प्रेस में छप रहे थे नकली नोट
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि गुलरिहा पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सरस्वतीपुरम कॉलोनी स्थित एक शटरनुमा दुकान में कुछ युवक नकली नोट तैयार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा और मौके से पांचों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है।

बड़े स्तर पर नकली नोट तैयार करने की थी योजना
पुलिस ने मौके से 500 रुपये के नौ नकली नोट, 100 रुपये का एक नकली नोट, चार मोबाइल फोन, एक एप्पल मोबाइल, मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, दो प्रिंटर, चार इंक के डिब्बे, ए-4 साइज पेपर के बंडल, नकली नोटों के विभिन्न प्रिंटेड फॉर्म, गांधीजी की तस्वीर वाले फॉर्मे और नकली नोटों जैसी दिखने वाली काली गड्डियां बरामद की हैं। बरामद सामग्री से साफ है कि आरोपी बड़े स्तर पर नकली नोट तैयार करने की योजना बना रहे थे।
बिहार कनेक्शन की भी जांच
पुलिस जांच में बिहार के एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। जिसकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोट किन-किन जिलों और राज्यों में सप्लाई किए जा रहे थे।
कोर्ट में पेशी की तैयारी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, इस कार्रवाई को नकली नोटों के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
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