‘बेटे को घुमाने लाया था, लाश कैसे ले जाऊं’: आगरा में जिप लाइन से गिरकर किशोर की मौत, हवा में टूटा सेफ्टी हुक

उत्तरप्रदेश|6 घंटे पहले
आगरा में जिप लाइन से गिरकर किशोर की मौत, हवा में टूटा सेफ्टी हुक

ताजगंज क्षेत्र स्थित एडवेंचर जोन में हुए दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। फिरोजाबाद से परिवार के साथ घूमने आए 16 वर्षीय कुनाल अग्रवाल की जिप लाइन से करीब 45 फीट नीचे गिरने से मौत हो गई। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद एडवेंचर एक्टिविटी संचालकों की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिप लाइन के दौरान किशोर की सेफ्टी बेल्ट का हुक अचानक खुल गया, जिससे वह सीधे नीचे जा गिरा। हादसा उस समय हुआ, जब कुनाल अपने माता-पिता और छोटे भाई के सामने एडवेंचर राइड का आनंद ले रहा था। बेटे को आंखों के सामने तड़पता देख परिवार बेसुध हो गया।

फिरोजाबाद निवासी चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ आगरा घूमने आए थे। परिवार ने पहले मंदिर दर्शन किए, फिल्म देखी और बाद में ताजगंज स्थित चौपाटी पहुंचे। यहां मौजूद एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों को देखकर कुनाल ने जिप लाइन करने की इच्छा जताई। पिता ने बेटे की जिद मानते हुए टिकट खरीदी और कर्मचारी उसे जिप लाइन प्लेटफॉर्म तक ले गए। जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने जल्दबाजी में सुरक्षा बेल्ट पहनाई और किशोर को राइड के लिए छोड़ दिया। जैसे ही वह दूसरी ओर बढ़ा, सेफ्टी हुक खुल गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गिरते समय वह लोहे की जाली से भी टकराया, जिससे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले किशोर की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।

कुनाल अग्रवाल
कुनाल अग्रवाल

मौके पर नहीं थी मेडिकल सुविधा

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि एडवेंचर जोन में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था क्यों नहीं थी। मृतक के पिता पंकज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वहां न तो एम्बुलेंस थी और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था। उन्होंने कहा कि यदि समय पर इलाज मिल जाता और सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी। पिता ने यह भी दावा किया कि कुनाल को हेलमेट तक उपलब्ध नहीं कराया गया था। हादसे के बाद माता-पिता बेटे की बॉडी से लिपटकर देर तक रोते रहे। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

पुलिस जांच में जुटी, संचालन बंद

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल जिप लाइन गतिविधि को बंद करा दिया और संचालन कर रही कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति को अरेस्ट कर लिया है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या कर्मचारियों की लापरवाही इसकी वजह बनी।

एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर बहस तेज

यह हादसा एक बार फिर एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। ताजगंज की चौपाटी को आगरा विकास प्राधिकरण ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया था। पिछले वर्ष यहां निजी कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। जिसके बाद जिप लाइनिंग और अन्य रोमांचक गतिविधियां शुरू की गईं। हालांकि, अब इस हादसे के बाद प्रशासन पर निगरानी और सुरक्षा ऑडिट को लेकर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एडवेंचर गतिविधियों में तकनीकी जांच, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

नव्य जागरण

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