‘अधिकारियों को खुश करो, तभी बचेगी नौकरी’: प्रयागराज में प्रिंसिपल ने पादरी समेत चार पर लगाया गैंगरेप का आरोप, जान से मारने की दी धमकी

प्रयागराज में चर्च से संचालित एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था की महिला प्रिंसिपल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने पूरे शिक्षा और धार्मिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। महिला ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस से जुड़े बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान, संस्था के सचिव राकेश चत्री और एक अन्य व्यक्ति पर गैंगरेप, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि नौकरी से निकालने का भय दिखाकर लंबे समय तक उनका यौन शोषण किया गया। विरोध करने पर उन्हें गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उनसे यह तक कहते थे कि यदि नौकरी बचानी है तो “ऊपर के अधिकारियों को भी संतुष्ट” करना होगा। मामले के सामने आने के बाद चर्च संस्था और शिक्षा जगत में भारी चर्चा शुरू हो गई है।
नौकरी बचाने के नाम पर शोषण का आरोप
महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं और करीब 15 वर्षों से प्रयागराज में रहकर एक चर्च संचालित स्कूल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पहले पति से तलाक के बाद वह अकेले जीवन यापन कर रही थीं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर संस्था से जुड़े वरिष्ठ लोग उन्हें लगातार प्रताड़ित करने लगे। प्रिंसिपल के अनुसार, बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान और सचिव राकेश चत्री उन्हें अक्सर ऑफिस या अन्य स्थानों पर बुलाते थे और अशोभनीय हरकतें करते थे। आरोप है कि विरोध करने पर नौकरी समाप्त करने और बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। महिला ने कहा कि डर और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण वह लंबे समय तक चुप रहीं, लेकिन जब प्रताड़ना असहनीय हो गई तब उन्होंने पुलिस की शरण ली। पीड़िता ने अपने बयान में यह भी कहा है कि सात मई को उन्हें सचिव राकेश चत्री के घर बुलाया गया। मना करने पर उन्हें अपशब्द कहे गए और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। महिला का दावा है कि आरोपियों ने पूर्व की एक प्रिंसिपल का उदाहरण देकर उन्हें डराने की कोशिश की।
पूर्व पति पर भी सहयोग का आरोप
महिला ने अपने पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व पति को पूरे मामले की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने आरोपियों का ही साथ दिया। पीड़िता ने दावा किया कि उनके पास आरोपों से जुड़े कई सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को सौंपेंगी। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब मेडिकल परीक्षण, बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र ने बताया कि महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
चर्च संस्था की भूमिका पर उठे सवाल
मॉरिस एडगर दान चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस के प्रमुख बिशप हैं। डायसिस ऑफ लखनऊ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चर्च, स्कूल और सामाजिक संस्थाओं का संचालन करता है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय मानी जाती है। ऐसे में संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों ने चर्च प्रशासन की कार्यप्रणाली और आंतरिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं, इस प्रकरण ने धार्मिक संस्थाओं में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है।
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