बांदा में गोत्र पूछते ही खुल गया दूल्हे का राज: ‘पाठक ब्राह्मण’ बताकर शादी करने पहुंचा युवक, बिना दुल्हन लौटी बारात

उत्तरप्रदेश|07 मई 2026
‘पाठक ब्राह्मण’ बताकर शादी करने पहुंचा युवक, बिना दुल्हन लौटी बारात

बांदा जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब फेरों के दौरान दूल्हे की असल पहचान सामने आ गई। खुद को ‘पाठक ब्राह्मण’ बताकर शादी करने पहुंचे युवक का भेद पंडित के एक सवाल से खुल गया। गोत्र पूछे जाने पर दूल्हा जवाब नहीं दे सका। इसके बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। मामला थाने तक पहुंच गया। पूरी रात पंचायत चलती रही लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।

यह मामला बांदा जिले के जसपुरा क्षेत्र का है। यहां अमारा गांव निवासी प्रभू की शादी इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती से तय हुई थी। दोनों परिवार कई वर्षों से गुजरात के सूरत शहर में रहकर काम करते हैं। वहीं दोनों परिवारों के बीच संपर्क हुआ और रिश्ता तय कर दिया गया। शादी के लिए बांदा के जसपुरा स्थित एक गेस्ट हाउस में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

जयमाल तक सब कुछ रहा सामान्य

मंगलवार शाम बारात धूमधाम से गेस्ट हाउस पहुंची। बैंड-बाजे और आतिशबाजी के बीच बारात का स्वागत किया गया। दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था। द्वारचार और जयमाल की रस्में भी हंसी-खुशी पूरी हो गईं। मेहमान खाना खाने और शादी के जश्न में शामिल थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में पूरा माहौल बदल जाएगा। फेरों की तैयारी शुरू हुई। मंडप में पंडित ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूल्हे से उसका गोत्र पूछा। बताया जा रहा है कि दूल्हा इस सवाल पर घबरा गया। उसने जवाब देने में हिचकिचाहट दिखाई। पंडित ने दोबारा पूछा लेकिन वह सही जवाब नहीं दे पाया। इसी दौरान मंडप में मौजूद कुछ लोगों को शक हुआ और पूछताछ शुरू हो गई।

जांच में खुली असली पहचान

शुरुआती बहस के बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। माहौल तनावपूर्ण हो गया। रिश्तेदारों ने दूल्हे और उसके परिवार से जानकारी मांगी। काफी देर तक सवाल-जवाब होते रहे। आखिरकार खुलासा हुआ कि दूल्हे का परिवार ब्राह्मण नहीं बल्कि निषाद समाज से संबंध रखता है। यह जानकारी सामने आते ही कन्या पक्ष नाराज हो गया। लड़की पक्ष का आरोप था कि रिश्ता तय करते समय लड़के वालों ने खुद को ‘पाठक ब्राह्मण’ बताया था। इसी आधार पर शादी के लिए हामी भरी गई थी। उनका कहना था कि उन्हें धोखे में रखकर शादी कराई जा रही थी। वहीं लड़के पक्ष ने आरोपों को गलत बताया। उनका कहना था कि उन्होंने पहले ही अपनी जाति के बारे में जानकारी दे दी थी। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। कुछ देर के लिए हाथापाई जैसी स्थिति भी बन गई।

दूल्हे की सच्चाई सुनते ही बेहोश हुई दुल्हन की मां

शादी में हंगामे के बीच दुल्हन की मां की तबीयत बिगड़ गई। दूल्हे की असल पहचान सामने आने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिवार के लोगों ने आनन-फानन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा पहुंचाया। वहां उनका इलाज कराया गया। इधर शादी समारोह पूरी तरह रुक गया। फेरों समेत बाकी रस्में बीच में ही रोक दी गईं। देर रात तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश चलती रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

रातभर चली पंचायत

घटना की सूचना मिलने पर जसपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ऋषि देव दोनों पक्षों को थाने ले गए। वहां कई घंटों तक पंचायत हुई। पुलिस ने दोनों परिवारों को समझाने की कोशिश की लेकिन मामला सुलझ नहीं सका। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। काफी देर तक बातचीत चली लेकिन सहमति नहीं बन पाई। आखिरकार आपसी सहमति के बाद शादी रद्द कर दी गई और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।

नव्य जागरण

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