IIT ग्रेजुएट बना 'आरोपी साधु': छात्रा से रेप का आरोप, ऑनलाइन प्रवचन से युवतियों को फंसाने का दावा

धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में कथित तौर पर युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका शोषण करने के आरोप में मथुरा पुलिस ने एक स्वयंभू साधु को अरेस्ट किया है। आरोपी का असली नाम अभिषेक मिश्रा (29) बताया गया है। जिसने साधु बनने के बाद अपना नाम बदलकर आदिकर्ता नारायण दास रख लिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से ओडिशा का निवासी है। उसने प्रतिष्ठित आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है।
मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली बीएससी नर्सिंग की एक छात्रा ने आरोपी पर रेप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने धार्मिक आस्था का लाभ उठाया। उसे प्रसाद के नाम पर नशीला पदार्थ मिला दूध पिलाया। बेहोशी की हालत में उसके साथ रेप किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से घटना के फोटो और वीडियो भी बना लिए। बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग करने लगा।
धार्मिक प्रवचनों की आड़ में जीतता था भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब के माध्यम से ऑनलाइन प्रवचन करता था। प्रवचनों के जरिए वह लोगों से संपर्क स्थापित करता। धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार उसकी विशेष रुचि पढ़ी-लिखी, आर्थिक रूप से सक्षम और प्रतिष्ठित संस्थानों या कंपनियों से जुड़ी युवतियों में रहती थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले आध्यात्मिक चर्चा और धार्मिक विचारों के माध्यम से विश्वास अर्जित करता था। फिर उन्हें मथुरा बुलाकर अपने संपर्क में रखता था।
छात्रा की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपनी बहन के पास जन्मदिन मनाने मथुरा आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। आरोप है कि आरोपी ने धार्मिक विश्वास का हवाला देकर उसे प्रसाद के रूप में दूध पिलाया। जिसके बाद वह अचेत हो गई। होश आने पर उसे अपने साथ गलत होने का एहसास हुआ। छात्रा का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। शिकायत मिलने के बाद गोवर्धन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने राधाकुंड स्थित आरोपी के आवास पर छापा मारकर उसे अरेस्ट कर लिया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद दो युवतियों और एक युवक को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिन्हें बाद में उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
मोबाइल से मिले आपत्तिजनक फोटो-वीडियो
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में एक दर्जन से अधिक युवक-युवतियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसाकर शोषण तो नहीं किया।
कई पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों, सोशल मीडिया नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मामले में प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और पीड़िता के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी द्वारा संचालित कथित आध्यात्मिक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
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