दूध से मिलता है संपूर्ण आहार: उम्र के अनुसार ही तय करें पीने की सही मात्रा, तभी शरीर को मिलेगा सही पोषण

निवेदिता चंद|1 घंटा पहले
उम्र के अनुसार ही तय करें पीने की सही मात्रा, तभी शरीर को मिलेगा सही पोषण

दूध को वर्षों से संपूर्ण आहार का दर्जा दिया जाता रहा है। कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-डी, पोटैशियम और कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर दूध बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूध का सेवन व्यक्ति की उम्र, शारीरिक जरूरत, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए। आवश्यकता से अधिक या बहुत कम मात्रा में दूध पीना शरीर के पोषण संतुलन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस उम्र में कितनी मात्रा में दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार एक से 12 वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में दूध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस आयु वर्ग के बच्चों को प्रतिदिन एक से दो गिलास दूध देना पर्याप्त माना जाता है। दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों तथा दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। अन्य पोषक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में दूध का सेवन बच्चों की ग्रोथ और विकास को गति देता है। वहीं 13 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों में शरीर तेजी से विकसित होता है। इस दौरान हड्डियों की लंबाई बढ़ती है। मांसपेशियों का विकास होता है। ऐसे में प्रतिदिन दो से तीन गिलास दूध का सेवन लाभकारी माना जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किशोरावस्था में पर्याप्त दूध पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए आवश्यक स्टैमिना भी बना रहता है।

वयस्कों और बुजुर्गों के लिए संतुलित मात्रा जरूरी

19 से 50 वर्ष की आयु के वयस्कों के लिए दूध संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस आयु वर्ग के लोगों को प्रतिदिन एक से दो गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है। दूध शरीर में कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखता है। जो लोग नियमित व्यायाम या शारीरिक श्रम करते हैं। उनके लिए दूध मांसपेशियों की रिकवरी और ऊर्जा बनाए रखने में भी मददगार साबित होता है। 50 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों में हड्डियों की कमजोरी, कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रतिदिन एक से दो गिलास दूध का सेवन लाभकारी माना जाता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर की सक्रियता बनाए रखने में भी मदद करता है।

दूध के फायदे और सावधानियां

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूध में मौजूद कैल्शियम और विटामिन-डी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। वहीं प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और मरम्मत में सहायक होता है। रात में गर्म दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है। नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। इसके अलावा दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करने में मदद करता है। एक्सपर्ट यह भी सलाह देते हैं कि दूध का सेवन संतुलित मात्रा में ही किया जाए। जिन लोगों को लैक्टोज इंटोलरेंस या पाचन संबंधी समस्याएं हैं। उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दूध या उसके विकल्पों का चयन करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि उम्र और जरूरत के अनुसार सही मात्रा में दूध का सेवन ही बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित पोषण की कुंजी है।

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