ED की वेदांता ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई: मुंबई-दिल्ली के कार्यालयों में मारी रेड, विदेशी भुगतान की जांच तेज

1 घंटा पहले
मुंबई-दिल्ली के कार्यालयों में मारी रेड, विदेशी भुगतान की जांच तेज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। उसके मुंबई और दिल्ली स्थित कार्यालयों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी भारतीय इकाई वेदांता लिमिटेड द्वारा अपनी ब्रिटेन स्थित मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज को किए गए रॉयल्टी भुगतान और विदेशी फंड ट्रांसफर की पड़ताल कर रही है।

सूत्रों के अनुसार ईडी यह जांच कर रही है कि भारतीय कंपनी से विदेश भेजी गई रकम फेमा के प्रावधानों और नियामकीय मानकों के अनुरूप थी या नहीं। बताया जा रहा है कि वेदांता रिसोर्सेज इस समय लगभग 74 हजार करोड़ रुपये के भारी कर्ज के दबाव में है। ऐसे में भारतीय इकाई द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन और रॉयल्टी भुगतान की प्रकृति जांच एजेंसी के रडार पर आ गई है।

रॉयल्टी भुगतान बना जांच का केंद्र

जांच में विशेष रूप से उन भुगतानों की समीक्षा की जा रही है। जो ब्रांड, तकनीक और अन्य बौद्धिक संपत्तियों के उपयोग के बदले विदेशी मूल कंपनी को भेजे गए थे। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन भुगतानों में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डिमर्जर प्रक्रिया के बीच बढ़ी चुनौती

ईडी की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब वेदांता समूह अपने कारोबार के पुनर्गठन और डिमर्जर की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। हाल ही में कंपनी को विभिन्न नियामकीय मंजूरियां प्राप्त हुई थीं। प्रस्तावित योजना के तहत समूह के कारोबार को पांच अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित किया जाना है। ऐसे में जांच की इस कार्रवाई को बाजार और निवेशक समुदाय ने गंभीरता से लिया है।

शेयर बाजार पर भी दिखा असर

छापेमारी की खबर सामने आने के बाद शेयर बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वेदांता लिमिटेड के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये है। यह देश की प्रमुख धातु एवं खनन कंपनियों में शामिल है। फिलहाल ईडी की जांच जारी है। एजेंसी विभिन्न वित्तीय दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड तथा विदेशी लेन-देन से जुड़े तथ्यों की समीक्षा कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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