देश में LNG सप्लाई हुई सामान्य: सरकार ने हटाया इमरजेंसी गैस रेगुलेशन ऑर्डर, होर्मुज रूट से फिर शुरू हुई आवाजाही

सरकार ने हटाया इमरजेंसी गैस रेगुलेशन ऑर्डर, होर्मुज रूट से फिर शुरू हुई आवाजाही

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आपूर्ति दोबारा सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने देश में लागू आपातकालीन गैस आपूर्ति नियंत्रण व्यवस्था समाप्त कर दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर 'इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर' वापस लेने का ऐलान किया। इस फैसले से विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि LNG का सबसे अधिक उपयोग उद्योगों में किया जाता है।

सरकार ने यह कदम अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष थमने तथा होर्मुज स्ट्रेट से एलएनजी जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद उठाया है। मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों तथा उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं ने भारत आने वाले एलएनजी कार्गो रोक दिए या अन्य देशों की ओर मोड़ दिए थे। इसी संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने नौ मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपातकालीन गैस आपूर्ति नियमन आदेश लागू किया था, ताकि देश में उपलब्ध गैस का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार ने तीनों आपात फैसले लिए वापस

LNG आपूर्ति पर नियंत्रण हटाना सरकार का तीसरा बड़ा राहतकारी फैसला है। इससे पहले तेल रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन सीमित कर अधिक एलपीजी बनाने का निर्देश भी वापस लिया जा चुका है। साथ ही थोक उपभोक्ताओं को डीजल बिक्री पर लगाई गई सीमा भी समाप्त कर दी गई है। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति सामान्य होने से अब आपातकालीन नियंत्रण की आवश्यकता नहीं रह गई है।

भारत के लिए क्यों अहम है होर्मुज रूट ?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस की करीब 50 प्रतिशत आपूर्ति विदेशों से करता है। कुल क्रूड ऑयल आयात का 40 से 45 प्रतिशत तथा LNG की लगभग 65 प्रतिशत आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है। इनमें कतर से आने वाली अधिकांश LNG स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही भारत पहुंचती है। इसी कारण इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का सैन्य तनाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक गतिविधियों पर सीधा असर डाल सकता है। सरकार का मानना है कि मौजूदा हालात सामान्य होने से ईंधन आपूर्ति और औद्योगिक उत्पादन दोनों को स्थिरता मिलेगी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।