विंबलडन में 21 साल की ईला ने रचा इतिहास: डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक को सीधे सेटों में हराया, चोट के कारण हटीं सेरेना

2 घंटे पहले
डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक को सीधे सेटों में हराया, चोट के कारण हटीं सेरेना

विंबलडन में महिला एकल वर्ग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 21 वर्षीय फिलीपींस की एलेक्जेंड्रा ईला ने सेंटर कोर्ट पर गत चैंपियन और दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को 7-6 (9), 6-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस जीत के साथ ईला किसी भी ग्रैंड स्लैम के महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। जीत के बाद भावुक ईला कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं और दर्शकों का अभिवादन किया।

ऐतिहासिक जीत के बाद ईला ने कहा कि अपने देश के लोगों का समर्थन उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने इस जीत को अपने परिवार, फिलीपींस की जनता और उन सभी छोटी लड़कियों को समर्पित किया, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। ईला ने कहा कि बचपन में स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और लाइट वाले जूते पहनकर रोज अभ्यास के लिए जाती थीं। आज की सफलता उसी मेहनत का परिणाम है।

तीन साल पुरानी सीख बनी प्रेरणा

ईला और स्वियातेक का रिश्ता सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं है। तीन वर्ष पहले फ्रेंच ओपन जीतने के बाद स्वियातेक राफेल नडाल अकादमी पहुंची थीं, जहां ईला ग्रेजुएशन कर रही थीं। उसी समारोह में स्वियातेक ने उन्हें प्रमाणपत्र सौंपते हुए कहा था, "जो भी करना, उसमें अपना 100 प्रतिशत देना।" विंबलडन में मिली इस जीत के बाद ईला ने उसी सीख को अपनी सफलता की प्रेरणा बताया। यह स्वियातेक पर उनकी दूसरी जीत भी रही। इससे पहले वे पिछले वर्ष मियामी ओपन में भी उन्हें पराजित कर चुकी हैं।

टाईब्रेक से पलटा मुकाबला

दो घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले का पहला सेट बेहद रोमांचक रहा। टाईब्रेक में ईला ने दो सेट प्वाइंट बचाते हुए 7-6 (9) से बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने पूरी तरह आक्रामक खेल दिखाया और स्वियातेक को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। 6-2 से दूसरा सेट जीतकर उन्होंने सीधे सेटों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब राउंड ऑफ-16 में उनका सामना 13वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी से होगा। हार के बाद स्वियातेक ने स्वीकार किया कि निर्णायक मौकों पर ईला ने उनसे बेहतर खेल दिखाया।

महिला वर्ग में कई बड़े उलटफेर

महिला एकल के अन्य मुकाबलों में दूसरी वरीयता प्राप्त और 2022 की चैंपियन एलिना रायबाकिना को बेल्जियम की एलिस मर्टेंस ने 7-6 (7-4), 6-1 से हराया। इस नतीजे के बाद आर्यना सबालेंका का विश्व नंबर-1 बने रहना तय हो गया। वहीं पिछले वर्ष की उपविजेता अमांडा अनिसिमोवा को मैडिसन कीज ने 3-6, 6-2, 6-3 से हराकर बाहर कर दिया। इसके साथ ही यह सिलसिला भी जारी रहा कि 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद कोई भी महिला खिलाड़ी विंबलडन का खिताब लगातार नहीं बचा सकी है।

अंतिम-16 में पहुंचे दिमित्रोव

उधर, बाएं घुटने में सूजन के कारण सेरेना विलियम्स ने बहन वीनस विलियम्स के साथ महिला डबल्स मुकाबले से नाम वापस ले लिया। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि चोट के कारण वह कोर्ट पर नहीं उतर सकीं। दोनों बहनें विंबलडन में छह बार महिला डबल्स चैंपियन रह चुकी हैं। वहीं पुरुष एकल में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने इटली के माटेओ बेरेटिनी को पांच सेटों तक चले मुकाबले में 6-3, 6-4, 3-6, 5-7, 6-3 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया। अब उनका सामना ब्रिटेन के आर्थर फेरी से होगा।

नव्य जागरण

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