एक्स्ट्रा टाइम में बेल्जियम ने जीता मैच: 86वें मिनट तक दो गोल से था पिछड़ा, पेनल्टी को लेकर सेनेगल ने किया विरोध

फुटबॉल विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम ने टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक जीत दर्ज करते हुए सेनेगल को 3-2 से हरा दिया। 86वें मिनट तक दो गोल से पीछे चल रही बेल्जियम ने आखिरी पलों में शानदार वापसी की और अतिरिक्त समय में विवादित पेनल्टी पर विजयी गोल दागकर अंतिम-16 में जगह बनाई। दूसरी ओर, अमेरिका ने 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
सिएटल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बेल्जियम के सामने 86वें मिनट तक हार लगभग तय नजर आ रही थी। हालांकि, अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में गोल कर टीम की उम्मीदें जगा दीं। इसके बाद कप्तान यूरी टिलेमंस ने 89वें मिनट में शानदार गोल दागकर मुकाबला 2-2 से बराबरी पर ला दिया। अतिरिक्त समय में 125वें मिनट में मिले विवादित पेनल्टी मौके को टिलेमंस ने गोल में बदलते हुए बेल्जियम को 3-2 की यादगार जीत दिला दी। अब अंतिम-16 में उसका मुकाबला मेजबान अमेरिका से होगा।
सेनेगल ने बनाई थी मजबूत बढ़त
मैच की शुरुआत में सेनेगल पूरी तरह हावी रहा। 25वें मिनट में हबीब डियारा ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ के शुरुआती दौर में 51वें मिनट में इस्माइला सार ने मौसा नियाखाते की लंबी पास को शानदार तरीके से नियंत्रित कर गोल किया और स्कोर 2-0 कर दिया। यह मौजूदा विश्व कप में सार का चौथा गोल रहा। इसके बाद बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार दो गोल कर मुकाबले को अतिरिक्त समय तक पहुंचाया।
पेनल्टी फैसले पर जताई असहमति
जब मुकाबला पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में लैमिन कमारा द्वारा यूरी टिलेमंस को पेनल्टी बॉक्स के भीतर धक्का देने की घटना हुई। वीडियो रिव्यू के बाद रेफरी ने बेल्जियम को पेनल्टी दे दी। इस फैसले का सेनेगल के खिलाड़ियों ने जमकर विरोध किया। डिफेंडर पाथे सिस पेनल्टी स्पॉट पर लेट गए, जबकि अन्य खिलाड़ियों ने भी रेफरी से बहस की। इसके बावजूद फैसला बरकरार रहा और टिलेमंस ने गोल कर टीम को जीत दिला दी। रिपोर्ट के अनुसार यह विश्व कप इतिहास का सबसे देर से हुआ निर्णायक गोल है। मैच के बाद सेनेगल के कोच पापे थियाव ने भी पेनल्टी फैसले पर असहमति जताई।
अमेरिका ने अंतिम-16 में बनाई जगह
दूसरे मुकाबले में सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में अमेरिका ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराया। फोलारिन बालोगुन ने पहले हाफ के इंजुरी टाइम में गोल कर अमेरिका को बढ़त दिलाई। हालांकि 64वें मिनट में VAR समीक्षा के बाद तारिक मुहरेमोविच पर खतरनाक टैकल के लिए उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया गया। इसके बावजूद अमेरिका ने संयम नहीं खोया। 82वें मिनट में मिली फ्री-किक पर मलिक टिलमैन ने शानदार गोल कर जीत पक्की कर दी। इससे पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था। 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अमेरिका ने शानदार प्रदर्शन कर अंतिम-16 में जगह सुनिश्चित कर ली।
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