हेयर टाइप के अनुसार तय करें वॉश रूटीन: रोज शैंपू करना हर किसी के लिए सही नहीं, मौसम के मुताबिक बदलें हेयर केयर की आदतें

गर्मी और मानसून के मौसम में पसीना, उमस, धूल और प्रदूषण के कारण बाल जल्दी गंदे हो जाते हैं। ऐसे में कई लोग रोजाना शैंपू करना बेहतर मानते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर दिन बाल धोना सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता। स्वस्थ बालों के लिए हेयर टाइप और जीवनशैली के अनुसार सही हेयर वॉश रूटीन अपनाना जरूरी है।
गर्मी और बारिश के मौसम में स्कैल्प पर पसीना और गंदगी अधिक जमा होती है। इससे बाल चिपचिपे महसूस होने लगते हैं। हालांकि, बार-बार शैंपू करने से स्कैल्प का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो सकते हैं। दूसरी ओर, लंबे समय तक बाल न धोने पर डैंड्रफ, खुजली और स्कैल्प इंफेक्शन जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए मौसम के साथ-साथ बालों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए हेयर केयर रूटीन तय करना चाहिए।
ऑयली स्कैल्प वाले सप्ताह में तीन से चार बार धोएं बाल
एक्सपर्ट्स के अनुसार बाल धोने की आवृत्ति हर व्यक्ति के हेयर टाइप पर निर्भर करती है। ऑयली स्कैल्प वाले लोग सप्ताह में तीन से चार बार बाल धो सकते हैं। सामान्य बालों के लिए सप्ताह में दो से तीन बार हेयर वॉश पर्याप्त माना जाता है। वहीं, ड्राई हेयर वाले लोगों को सप्ताह में एक से दो बार ही बाल धोने की सलाह दी जाती है। कोई व्यक्ति रोजाना वर्कआउट करता है या अधिक पसीना आने पर जरूरत के अनुसार माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बाल धोते समय इन बातों का रखें ध्यान
हेयर वॉश के दौरान बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचें। हमेशा माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू चुनें और शैंपू के बाद कंडीशनर का उपयोग जरूर करें। गीले बालों में जोर से कंघी करने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे बाल टूट सकते हैं। इसके अलावा हेयर ड्रायर का सीमित इस्तेमाल करें। स्कैल्प को साफ रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा शैंपू करने से भी बचें।
रोजाना शैंपू करने से हो सकते हैं ये नुकसान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर दिन स्ट्रॉन्ग शैंपू से बाल धोने पर स्कैल्प का प्राकृतिक मॉइस्चर और तेल कम हो सकता है। इसके कारण बाल रूखे और बेजान हो सकते हैं, हेयर फॉल बढ़ सकता है, बालों की प्राकृतिक चमक कम हो सकती है और दोमुंहे बालों की समस्या भी बढ़ सकती है। इसलिए बालों की जरूरत के अनुसार संतुलित हेयर वॉश रूटीन अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
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