चांदी में बड़ी गिरावट, सोना भी हुआ सस्ता: ऑलटाइम हाई से काफी नीचे पहुंचे दाम, निवेशकों की बढ़ी चिंता

घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 3,988 रुपये की कमी आई। इसके बाद इसका भाव घटकर 2.44 लाख रुपये प्रति किलो रह गया। इससे पहले चांदी 2.48 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत में भी 816 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम सोना 1.49 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों और खरीदारों की नजरें अब बाजार की आगामी दिशा पर टिकी हुई हैं।
वर्ष 2026 की शुरुआत से ही कीमती धातुओं के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। जो जनवरी के अंत तक तेजी के साथ बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि इसके बाद बाजार में लगातार दबाव देखने को मिला। अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 27 हजार रुपये नीचे आ चुका है। इसी तरह चांदी ने भी इस वर्ष ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की थी। जनवरी के अंत में इसका भाव 3.86 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट का दौर जारी रहा। अब चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.42 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
खरीदारी से पहले बरतें सावधानी
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सोना खरीदते समय ग्राहकों को गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो 0के हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। उपभोक्ताओं को भरोसा मिलता है कि वे सही गुणवत्ता का आभूषण खरीद रहे हैं। इसके साथ ही खरीदारों को खरीदारी से पहले विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का बाजार भाव अवश्य जांच लेना चाहिए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं। इसलिए सही जानकारी के साथ खरीदारी करना फायदेमंद माना जाता है।
चांदी की शुद्धता पहचानने के आसान तरीके
एक्सपर्ट्स के अनुसार, चांदी की शुद्धता की पहचान कुछ आसान परीक्षणों के माध्यम से की जा सकती है। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, जबकि नकली धातु में ऐसा हो सकता है। इसके अलावा चांदी पर बर्फ रखने से वह तेजी से पिघलती है। जो इसकी उच्च तापीय चालकता का संकेत है। असली चांदी में किसी प्रकार की गंध नहीं होती। जबकि नकली धातु में तांबे जैसी गंध महसूस हो सकती है। सफेद कपड़े से रगड़ने पर यदि काला निशान दिखाई दे तो इसे भी शुद्ध चांदी का संकेत माना जाता है।
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