विदेश में कार्ड से खरीदारी होगी महंगी: एक्सिस और कोटक ने बढ़ाया डीसीसी शुल्क, अगस्त से लागू होंगे नए शुल्क

नई दिल्ली। विदेश यात्रा करने वाले या इंटरनेशनल वेबसाइटों पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अब अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। निजी क्षेत्र के दो प्रमुख बैंक एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने इंटरनेशनल कार्ड ट्रांजैक्शन पर लगने वाले डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (डीसीसी) शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नए शुल्क लागू होने के बाद विदेशी लेनदेन पर ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।
एक्सिस बैंक ने अपने कई क्रेडिट कार्ड पर डीसीसी शुल्क में संशोधन किया है। बैंक के अनुसार, माय जोन, सेलेक्ट, प्रिविलेज और नियो क्रेडिट कार्ड पर डीसीसी शुल्क 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं मैग्नस और मैग्नस फॉर बरगंडी कार्ड पर यह शुल्क दो प्रतिशत रहेगा। वहीं, ओलंपस कार्ड पर 1.8 प्रतिशत डीसीसी शुल्क लागू होगा। बैंक के ये नए शुल्क 28 अगस्त 2026 से प्रभावी होंगे। दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने डेबिट कार्ड ग्राहकों के लिए डीसीसी शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने एक प्रतिशत प्लस जीएसटी की जगह अब 3.5 प्रतिशत प्लस जीएसटी शुल्क तय किया है। यह संशोधित व्यवस्था एक अगस्त 2026 से लागू होगी।
विदेशी लेनदेन पर बढ़ेगा खर्च
डीसीसी वह सुविधा है, जिसमें विदेश में कार्ड से भुगतान करते समय ग्राहक को स्थानीय मुद्रा के बजाय भारतीय रुपये में भुगतान का विकल्प दिया जाता है। इस सुविधा के उपयोग पर बैंक अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं। शुल्क बढ़ने के बाद विदेशी लेनदेन पहले की तुलना में महंगे हो जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक विदेश में एक लाख रुपये की खरीदारी करता है, तो पहले जहां डीसीसी शुल्क करीब एक हजार रुपये (जीएसटी अलग) था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 3,500 रुपये (जीएसटी अलग) तक पहुंच सकता है।
स्थानीय मुद्रा में भुगतान रहेगा बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश में खरीदारी के दौरान जहां संभव हो, वहां स्थानीय विदेशी मुद्रा में भुगतान करना अधिक लाभदायक हो सकता है। ऐसा करने पर कई मामलों में डीसीसी शुल्क से बचा जा सकता है और कुल भुगतान का खर्च कम हो सकता है।
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